सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों में नेतृत्व कर रही – डॉ. प्रियंका वर्मा

गोरखपुर शहर में रहने वाली दंत चिकित्सक डॉ. प्रियंका वर्मा आज केवल चिकित्सा क्षेत्र तक सीमित नहीं रही बल्कि वह समाजसेवी, नारी सशक्तिकरण और जन जागरूकता जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही हैं. दंत चिकित्सक सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने वाली डॉ. प्रियंका वर्मा विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रीय संगठनों के पदों पर कार्यरत हैं और वह निरंतर समाज हित में योगदान दे रही हैं.

समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण की अग्रदूत – प्रियंका वर्मा

डॉ. प्रियंका वर्मा ने न्यूज़ ऑफ़ नेशन की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि वह अपने पेशेवर जीवन के साथ समाज सेवा को भी प्राथमिकता देती है. कई वर्षों से वह गांव, कस्बो और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम का संचालन कर रही हैं. उन्होंने दंत स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक बनाने के लिए कई निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर लगाया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को लाभ प्राप्त हुआ. महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उनका विशेष योगदान रहा है. उनके विभिन्न सामाजिक अभियानों से महिलाओं और युवतियों को स्वास्थ्य संबंधी विशेष जानकारी दी तथा सेनेटरी पैड वितरण कार्यक्रमों के तहत मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी किया गया.

उनका कहना है कि स्वस्थ, शसक्त और जागरूक नारी ही समाज और अपने परिवार के आधार को मजबूत बना सकती है. उन्होंने मुख कैंसर और तंबाकू सेवन जैसे दुष्प्रभावों को लेकर भी जागरूक अभियान चलाया हैं. स्कूलों, कॉलेजों से लेकर सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है. उनके अनेकों सफल प्रयासों से हजारों लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है. विश्व स्तर पर फैलने वाली कोरोना महामारी के कठिन समय में डॉ. प्रियंका वर्मा ने लोगों के लिए सेवा कार्य किए. जिसमें जरूरतमंद परिवारों को भोजन सामग्री, वायरस से बचने के लिए मास्क और अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण कराया.

भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 10,0000 झंडों का वितरण

कोरोना महामारी के समय में वायरस प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में उनकी सक्रिय भूमिका को समाज और सरकार ने सराहना की. इतने बड़े संकट की घड़ी में उन्होंने मानवता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और अनेक परिवारों की सहायता की. सामाजिक सेवा के तहत डॉ. प्रियंका वर्मा ने झुग्गी-बस्तियों और जरूरतमंद क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की. लोगों के घरों में और बाहर हैंडपंप लगवाने में भी सहयोग किया. इसके अतिरिक्त शिक्षा के क्षेत्र में भी वह बच्चों को प्रेरित करने और छात्रों की सहायता देने के लिए निरंतर कार्य करती रहती हैं. समाज के कमजोर लोगों के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों के कारण उनको विभिन्न मंचों पर सराहा गया. वर्तमान समय में डॉ. प्रियंका वर्मा की सक्रियता केवल स्वास्थ्य और शिक्षा तक सीमित नहीं रही अपितु सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चेतना से जुड़े आयोजनों में भी उनकी महहत्वपूर्ण भूमिका दिखाई देती है. 22 जनवरी 2024 के दिन जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर में भगवान राम के बाल विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी तब उस शुभ अवसर पर गोरखपुर में आयोजित धार्मिक और सनातन जागरूकता कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई.

पूरे शहर और श्रद्धालुओं के बीच बड़ी संख्या में लगभग 10,000 धार्मिक ध्वज वितरित करके उन्होंने लोगों में उत्साह और आस्था का संदेश पहुंचाने का कार्य किया. 22 अप्रैल 2025 के दिन जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आए हुए पर्यटकों की धर्म पूछकर हत्या करने की आतंकवादी घटना के बाद गोरखपुर शहर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भी उन्होंने नेतृत्वकारी भूमिका निभाई. इस सभा में डॉ. प्रियंका वर्मा ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा आतंकवादी घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए देश की एकता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करी. स्वास्थ्य सेवा, नारी सशक्तिकरण और जनकल्याण में उनके उल्लेखनीय कार्यों को केवल उन्हें गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल में उन्होंने अपने आप को एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है. डॉ. प्रियंका वर्मा के सामाजिक कार्यों और पेशेवर योगदान को देखते हुए उन्हें सरकार और सामाजिक संगठनों के द्वारा उन्हें अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

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