कुछ दिनों पहले लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत ने लोगों को गहरे शोक में डाल दिया है. इस दर्दनाक घटना के बाद विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की. डॉक्टर प्रियंका वर्मा ने भी इस दुखद हादसे पर अपना गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है.
15 छात्रों की मौतों के बाद सियासत गरम, विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
डॉ. प्रियंका वर्मा ने न्यूज आफ नेशन नेटवर्क की टीम को जानकारी देते हुए कहा कि इस हादसे में जिन छात्रों ने अपनी जान गंवाई है, उनकी क्षति पूरी नहीं की जा सकतीं. यह घटना समाज और देश के भविष्य के लिए एक बड़ी हानि है. छात्रों के परिवारों पर जो दुख का पहाड़ टूटा है उसकी भरपाई संभव तो नहीं है. इसके साथ ही प्रियंका वर्मा ने हादसे में घायल हुए छात्रों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है. डॉ. प्रियंका वर्मा ने हादसे के कुछ समय बाद विपक्ष पार्टीयों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का है.

किसी भी बड़ी घटनाओं के बाद समाज को एकजुट होकर प्रभावित लोगों की आवश्यक मदद करनी चाहिए. राजनीतिक आरोपों से माहौल अधिक खराब होता सकता है तथा इससे पीड़ित परिवारों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचती सकती है. डॉ. प्रियंका वर्मा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से समाज सबक लेने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए विशेष जांच दल SIT गठित करने के निर्देश दिए हैं.
लखनऊ अग्निकांड की जांच हुई तेज, मुख्यमंत्री ने मांगा 7 दिन में रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने जांच अधिकारियों से सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने आदेश दिया है जिससे घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि इस घटना के प्रारंभिक कार्रवाई के तहत बिल्डिंग मालिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. लापरवाही बरतने के आरोप में चार विशेष अधिकारियों को भी निलंबित किया गया. वर्तमान सरकार में होने वाली ये कड़ी कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी.

इस घटना से कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता है. प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों में फायर ऑडिट कराना अनिवार्य होना चाहिए. आवासीय बिल्डिंग में बिना उचित अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने पर रोक लगनी चाहिए. कई आवासीय भवनों को कोचिंग सेंटर, कार्यालय या अन्य व्यावसायिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन उन भवनों में आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध नहीं होते हैं, ऐसे मामलों में प्रशासन को नियमित निरीक्षण करके सुरक्षा नियमों का पालन जरूर सुनिश्चित कराना चाहिए. डॉ. प्रियंका वर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि लखनऊ अलीगंज अग्निकांड एक गंभीर चेतावनी है. इस हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन, संस्थान संचालकों और समाज को मिलकर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


