मातृ दिवस के अवसर पर विद्यालय में गूंजा मां के सम्मान का संदेश – गोपाल त्रिपाठी

मां केवल एक शब्द नहीं होती बल्कि यह शब्द प्रेम, त्याग, स्नेह और ममता का अथाह सागर होता है. मां के प्रति सम्मान और कृतज्ञ व्यक्त करने के उद्देश्य से देल्ही स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस में मातृ दिवस बहुत ही खुशी और उत्साह के साथ मनाया गया. इस दिवस के शुभ अवसर पर विद्यालय परिसर को भावनात्मक और सांस्कृतिक रंगों से सजाया गया. सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा अभिभावकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ मातृ दिवस

मातृ दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ. मां सरस्वती की पूजा प्रधानाचार्य गोपाल त्रिपाठी, कॉर्डिनेटर हर्षिता पाण्डे और सुपरवाइजर वंदना पांडे ने किया. विद्यालय की छात्रों ने स्वागत गीत गाकर सभी माताओं का अभिनंदन किया. इसके बाद सभी बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर सभी दर्शकों का मन आकर्षित कर लिया. नृत्य, कविता, गीत और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने मां के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को अभिव्यक्त किया. विद्यार्थियों की भावुक प्रस्तुतियों को देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गई. इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य गोपाल त्रिपाठी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माताओ की महिमा पर प्रकाश डाला और कहा कि मां ही हमारे जीवन की सबसे पहली गुरु होती हैं और मां ही हमारे व्यक्तित्व निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

मातृ दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होता बल्कि मां के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता प्रकट करने का एक शुभ दिवस होता है. मां का स्थान संसार में भगवान से भी ऊंचा होता है. एक मां ही अपने बच्चों के लिए जीवन भर संघर्ष करती है और बिना किसी स्वार्थ के उन्हें हमेशा प्रेम देती है. इसलिए हमें हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए और उनके सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करना चाहिए. आज के युग में लोग अक्सर अपने परिवार और माता-पिता को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जबकि माता-पिता का आशीर्वाद व स्नेह हमें पूरा जीवन लगातार मिलता रहता है. उनका आशीर्वाद ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होती है.

मातृ दिवस – मां के त्याग और प्रेम को समर्पित

प्रधानाचार्य ने आगे छात्रों को संदेश दिया कि मां का सम्मान केवल मातृ दिवस के दिन ही नहीं बल्कि हमें अपनी मां का सम्मान हर दिन करना चाहिए और उनकी भावनाओं को समझना चाहिए. मां का त्याग और संघर्ष को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. एक मां ही अपने बच्चे की खुशी के लिए हर समस्या को सहन करती है और जीवन भर अपने बच्चे के उज्जवल भविष्य के लिए कठिन प्रयास करती है. बच्चों के सफलता में मां की सबसे अहम भूमिका होती है. एक मां ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देती है और उन्हें सही रास्ते पर चलने की उत्तम प्रेरणा भी देती है. प्राइमरी टीचर सबा, अरीबा, पूनम, शुभांगिनी, रंजना, कंचन, पूजा, मनीषा मैम कॉर्डिनेटर स्वाती सिंह ने
कार्यक्रम का किया.

विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए तथा उनके संस्कारों को जीवन में जरूर अपनाना चाहिए. मां केवल जन्म देने वाली ही नहीं होती बल्कि वह हमारे जीवन की प्रेरणा का स्तंभ होती है जिस पर हम मजबूत और बेहतर भविष्य की नींव रखते हैं. मां का आशीर्वाद ही हमें जीवन की हर कठिनाई से लडने की शक्ति देता है. जिन घरों में मां का सम्मान होता है वहां पर सदैव सुख, शांति समृद्धि हमेशा बनी रहती हैं. देल्ही स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस में मातृ दिवस के आयोजन ने यह संदेश दिया कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊपर होता है और मां के सम्मान से ही परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत बनता है।

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