उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सफलता की नई कहानी लिखने वाली सीमा यदुवंशी आज सौंदर्य एवं ब्यूटी प्रशिक्षण क्षेत्र में एक जाना- माना नाम बन चुकी हैं. लगभग 15 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में एक्टिव रहने वाली सीमा यदुवंशी ने न केवल अपना सफल सैलून स्थापित किया बल्कि 1500 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करके आत्मनिर्भर बनाने का सफल कार्य भी किया है.
सीमित संसाधनों से शुरू हुआ सफर, आज बना बड़ा सैलून
आज उनके द्वारा प्रशिक्षित कई छात्र-छात्राएं विभिन्न स्थानों पर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं और अपने परिवारों का सहारा बने हुए हैं. सीमा यदुवंशी का सफर आसान नहीं था क्योंकि उन्होंने उस समय ब्यूटी पार्लर और सैलून का व्यवसाय शुरू किया जब उनके क्षेत्र में इस तरह की सेवाओं के बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी होती थी. उस समय लोगों को यह भी नहीं पता होता था कि हमारे जीवन में पार्लर और सैलून की क्या उपयोगिता है. ऐसे समय में मेकअप क्षेत्र में कदम रखना एक बड़ा जोखिम था लेकिन सीमा ने अपनी हिम्मत और आत्मविश्वास के बल पर इस चुनौती को स्वीकार किया. आगे सीमा बताया कि शुरुआती कुछ दिनों में उन्हें लोगों का विश्वास जीतने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी.

कई बार परिस्थितियां इतनी मुश्किल थीं कि आगे बढ़ना कठिन लगने लगा था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. बिना संघर्ष किए सफलता प्राप्त नहीं होती. सीमा यदुवंशी अपने काम की गुणवत्ता और ग्राहकों के प्रति समर्पण को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया. पिछले कई वर्षों की मेहनत और निरंतर प्रयासों का परिणाम यह निकला कि आज उनके नेतृत्व में एक बड़ा और प्रतिष्ठित सैलून संचालित हो रहा है जो गोरखपुर में एम्स थाने के पास में स्थित है. उनके सैलून में आधुनिक सुविधाओं के साथ युवाओं को प्रशिक्षण देने की भी उचित व्यवस्था है. यही कारण है कि उनका संस्थान केवल एक व्यवसाय का केंद्र नहीं है बल्कि कौशल विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है.
गोरखपुर में कड़ी मेहनत से खड़ा किया प्रतिष्ठित सैलून
कौशल शिक्षा किसी भी युवा को विकसित बनाने का सबसे आसान और प्रभावी माध्यम है. इसी सोच के साथ सीमा यदुवंशी ने अपने जीवन का अगला बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. सीमा यदुवंशी भविष्य में एक ऐसी एकैडमी स्थापित करना चाहती हैं जहां पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे और युवा पूरा निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें और कोई भी प्रतिभायुक्त युवा केवल आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे. सीमा यदुवंशी के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल उनका सफल व्यवसाय नहीं है बल्कि हजारों युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है.

अब तक उन्होंने लगभग 1500 से अधिक युवाओं को ब्यूटी एवं सैलून से जुड़े विभिन्न कौशल प्रशिक्षण देने का काम किया है. इनमें से अधिकतर छात्र आज अपने खुद के सैलून चला रहे हैं जबकि कई छात्र प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं. उनका कहना है कि यदि युवाओं को उचित प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन मिले तो हर एक युवा अपने जीवन को बेहतर बना सकता हैं. आज सीमा यादववंशी की संघर्ष कहानी उन महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं. उनका संघर्ष, सफलता और सामाजिक व्यवहार का एक ऐसा अद्वितीय उदाहरण है जो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


