अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गतिविधि विकासार्थ विद्यार्थी क्षेत्र बस्ती तथा नगर पालिका बस्ती के सहयोग से संचालित कार्यक्रम को कुआनो संरक्षण अभियान का अंतिम दिवस अत्यंत अनुशासित, व्यापक और प्रभावशाली रूप से संपन्न हुआ. कुआनो संरक्षण का यह अभियान केवल एक अभियान नहीं था बल्कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण का समाज के प्रति जागरूकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है.
वर्षों की पुरानी समस्याओं क्या हुआ समाधान, अमहट का जर्जर पुल हटाया गया
कुआनो नदी बस्ती तथा आसपास के क्षेत्रों की जीवन रेखा मानी जाती है. इधर बीते कई वर्षों में प्रदूषण, जलकुंभी और ठोस कचरे के कारण नदी प्रभावित हो रहा था. इसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की टीम ने नगर पालिका के सहयोग के साथ अभियान की शुरुआत की जिसका उद्देश्य केवल पर्यावरण संबंधित समस्याओं का निवारण करना था. इस अभियान के अंतर्गत परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपने उल्लेखनीय समर्पण के साथ श्रमदान किया. सभी कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत स्तर पर जलकुंभी, प्लास्टिक, पॉलिथीन, घरेलू अपशिष्ट एवं अन्य अवरोधों को हटाने का सफल कार्य किया. कई स्थानों पर नदी की धारा अवरूद्ध हो चुकी थी जिसे कार्यकर्ताओं ने अपने प्रयासों से सुचारू करने का सतत प्रयास किया.

इसके अलावा नदी के आसपास फैली गंदगी, झाड़ियां, सुखे अवशेष एवं कचरो के ढेर की सफाई करके पूरे क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाया गया. इस अभियान में होने वाला श्रमदान केवल सफाई तक सीमित नहीं था बल्कि इससे समाज में एक सकारात्मक चेतना का भी विकास हुआ. इस अभियान के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा प्रशासनिक सक्रिय भागीदारी देखी गई जिसमें अमहट क्षेत्र के लगभग 9 से 10 वर्षों से जर्जर अवस्था में पडे हुए पुल, जो नदी की प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न कर रहा था और जिससे स्थानीय नागरिकों के संकट का समस्या भी बना हुआ था उसको हटाने के लिए जिला प्रशासन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया.

परिषद के कार्यकर्ता, प्रशासन और जनमानस की संयुक्त भूमिका
इस ज्ञापन में नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र समाधान करने की मांग की गई है अगर दस दिनों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो परिषद के कार्यकर्ता और स्थानीय जनमानस के समर्थन से आंदोलन किया जाएगा. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के इस सतत प्रयासों व जनसमर्थन के परिणाम स्वरुप प्रशासन में इस विषय को गंभीरता से लिया और उस पर कार्रवाई सुनिश्चित की. आज इस अभियान का अंतिम दिवस है और आज के दिन ही अमहट क्षेत्र में वर्षों से जर्जर अवस्था में पडे हुए पुल को प्रशासन के द्वारा हटा दिया गया है. स्वच्छता अभियान के इस कार्यक्रम में परिषद के कार्यकर्ता, प्रशासन और जनमानस की संयुक्त भूमिका देखने को मिली है.

स्वच्छता अभियान की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब सामाजिक संगठन, स्थानीय लोग और प्रशासन एकजुट होकर किसी कार्य को करते हैं तो वर्षों की पुरानी समस्याओं का समाधान भी आसानी से संभव हो जाता है. स्वच्छता अभियान का यह कार्यक्रम युवाओं में स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व एवं सक्रिय भागीदारी की भावना को विकसित किया है. स्वच्छता अभियान के अवसर पर अखिल भारतीय परिषद के सभी पदाधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल विकसित बस्ती का प्रारंभ है जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग ने अपना योगदान देकर एक सच्चे नागरिक की भूमिका निभाई है. कुआनो नदी का यह स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान केवल संगठन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


