खलीलाबाद, संत कबीर नगर – हमारे समाज में डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि डॉक्टर अपने ज्ञान और सेवा भाव से लोगों को नया जीवन देने का कार्य करता है. ऐसे ही चिकित्सकों में एक नाम है डॉ. रेनू कनौजिया, जिन्होंने अपने परिश्रम और सेवा भावना से चिकित्सा जगत में एक अलग पहचान बनाई है. वर्तमान में रेनू कनौजिया एमवीएएस मेडिकल कॉलेज, कैली बस्ती में जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं.
डॉ. रेनू कनौजिया की कहानी, चिकित्सकों के लिए प्रेरणा
मीडिया से खास बातचीत करने ने के दौरान डॉ. रेनू कनौजिया ने अपने जीवन के संघर्ष, शिक्षा और सफलता के बारे में बताते हुए कहा कि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद शहर में हुआ और बचपन से ही उनका यही सपना था कि वह डॉक्टर बनकर समाज और देश की सेवा करें. प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, रुधौली बस्ती से पूरी हुई. छात्र जीवन में वह पढ़ाई में मेधावी थीं और चिकित्सा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए निरंतर मेहनत करती रहती थी. उनके अथक प्रयासों का परिणाम यह रहा कि उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी की.

फिर उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा से जनरल सर्जरी में स्नातकोत्तर (पीजी) की शिक्षा प्राप्त की और एक कुशल सर्जन के रूप में अपनी पहचान स्थापित की. उन्होंने बताया कि मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लौटाना ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है और यही उन्हें निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है. डॉ. रेनू ने अपने परिवार के बारे में बताते हुए कहा कि उनके जीवन की इस उपलब्धि में परिवार का योगदान रहा है. पिता डाक विभाग में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत रहे हैं और उन्होंने हमेशा शिक्षा, अनुशासन और ईमानदारी का संस्कार दिया. उनके छोटे भाई सीतापुर में विज्ञान विषय के अध्यापक हैं, जबकि बड़े भाई प्रयागराज में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं.
चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. रेनू कनौजिया की बड़ी उपलब्धि
क्षेत्रीय लोगों का कहना हैं कि डॉ. रेनू कनौजिया मरीजों की समस्या को केवल चिकित्सकीय दृष्टि से ही नहीं देखती, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ भी समझती हैं. चाहे बीमारी छोटी हो या बड़ी हो, वह हर मरीज का धैर्यपूर्वक देखती हैं और उचित उपचार करने का प्रयास करती हैं. इसी कारण मरीज और उनके परिजनों का उन पर अटूट विश्वास बना हुआ है. आज के समय में डॉ. रेनू कनौजिया एमवीएएस मेडिकल कॉलेज, कैली बस्ती में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ नई पीढ़ी के डॉक्टरों को भी प्रशिक्षित कर रही हैं.

डॉ. रेनू का व्यवहार अत्यंत सरल है. व्यस्त चिकित्सकीय जीवन के बावजूद भी वह विनम्रता और सहजता के लिए प्रसिद्ध हैं उनका कहना है कि एक डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म मरीज की सेवा करना है. वह हमेशा यही प्रयास करती हैं कि प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार और सही सलाह मिले. उनका अपना विश्वास है कि यदि एक डॉक्टर ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करें तो समाज को स्वास्थ्य और बेहतर बनाया जा सकता है. डॉ. रेनू कनौजिया न केवल एक सफल जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं बल्कि छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत और मरीजों के लिए भरोसे का मिसाल भी बन चुकी हैं।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


