साहस, संकल्प और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल बनकर एवरेस्ट बेस कैंप की कठिन एवं चुनौतीपूर्ण यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करके लौटने वाली हिना खातून को चित्रांश क्लब के द्वारा सम्मानित किया गया. चित्रांश क्लब के संस्थापक राजेश चित्रगुप्त के आवास पर आयोजित सम्मान समारोह में क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हिना खातून को माला पहनाकर एवं अंगवस्त्र देकर उनका अभिनंदन किया और उज्जवल भविष्य की कामना की.
बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हिना खातून
कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भरा हुआ दिखाई दिया जिसमें उपस्थित लोगों ने हिना खातून की उपलब्धि को बस्ती क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया. एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा को विश्व की सबसे कठिन यात्राओं में गिना जाता है. जिसमें यात्रियों को ऊंचे पहाड़ी के रास्तों, अत्यधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी और खराब मौसम जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इस प्रकार ऐसे कठिन परिस्थितियों में एवरेस्ट की यात्रा को पूरा करना किसी बड़े उपलब्धि से कम नहीं हो सकता. चित्रांश क्लब के संस्थापक राजेश चित्रगुप्त ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हिना खातून ने यह साबित कर दिया कि यदि इंसान के अंदर लक्ष्य को प्राप्त करने का जुनून और आत्मविश्वास हो.

तो कोई भी बड़ी चुनौती उस इंसान को हरा नहीं सकती. हिना खातून की सफलता केवल बस्ती जनपद के लिए ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है. उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में सफलता के लिए नई ऊंचाइयां छू रही हैं. चित्रांश क्लब की संरक्षिका रेखा चित्रगुप्त ने कहा कि हिना खातून ने मेहनत, लगन और साहस के बल पर असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य को प्राप्त किया है इसलिए समाज को चाहिए कि ऐसी प्रतिभाशाली और साहसी युवाओं को प्रोत्साहित करें ताकि अन्य युवा भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे आ सके.

दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और ईमानदारी का परिणाम
हिना खातून ने न्यूज़ ऑफ़ नेशन की टीम से अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि एवरेस्ट कैंप की यात्रा उनके जीवन की सबसे कठिन और यारागार यात्राओं में से एक है. उनकी यात्रा के समय कई बार प्रतिकूल मौसम, शारीरिक थकान, मनोबल कमजोर जैसी परिस्थितियां भी सामने आई लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए हार नहीं मानी. कार्यक्रम के संयोजिका लक्ष्मी अरोरा, अध्यक्ष शेषनारायण गुप्ता, संध्या दिक्षित, प्रतिमा श्रीवास्तव तथा महामंत्री अमित कुमार सिंह सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये. सभी लोगों ने एक ही बात कहा कि एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता और अनुशासन व्यवहार का भी प्रमाण है. हिना खातून ने कठिन परिस्थितियों में साहस और धैर्य का परिचय देते हुए युवाओं के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है.

हिना ने कहा कि परिवार, मित्र और समाज के आशीर्वाद से आज मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला है इसलिए मैं सभी लोगों का आभार व्यक्त करती हूं. यदि इंसान अपने लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करें तो सफलता अवश्य मिलती है. हिना खातून युवाओं और बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में बड़े सपने देखना चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए क्योंकि निरंतर अभ्यास व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचता है. इस अवसर पर चित्रांश क्लब के पदाधिकारी संज्ञा श्रीवास्तव, जी रहमान, दीपु श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव ‘ददुल’, रवि वर्मा, रत्नेश तथा अन्य सदस्य उपस्थित दिखें।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


