उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के अपील करने के बाद दिन बुधवार को बस्ती क्षेत्र में बिजली विभाग की कथित मनमानी नीतियों के विरोध में व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष राकेश सिंह के नेतृत्व में इस आंदोलन में जिले के व्यापारियों, पदाधिकारियों और नागरिकों ने अपने उपस्थिति दिखाई. प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार से बिजली विभाग की जनविरोधी नीतियों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से सौंपा.
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा विशाल विरोध प्रदर्शन
इस आंदोलन की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से हुई जहां पर बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्रित हुए. व्यापारियों ने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला जो गांधीनगर होते हुए झंडा तिराहा तक पहुंचा. वहां से सभी व्यापारी पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे. पूरे मार्ग में व्यापारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदेश सरकार से उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की. जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा और इस ज्ञापन में कहा गया कि बिजली विभाग की वर्तमान नीतियों के कारण प्रदेश के लाखों उपभोक्ता और व्यापारी आर्थिक बोझ से दबते जा रहे हैं.

व्यापारियों का आरोप था कि विभाग लगातार ऐसे निर्णय ले रहा है जिनसे आम जनता और व्यापारिक वर्ग दोनों प्रभावित हो रहे हैं. जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि संगठन हमेशा व्यापारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहता है. यदि सरकार ने शीघ्र इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि व्यापारियों का आर्थिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा.

जनहित में बिजली विभाग के फैसले वापस लेने की मांग
मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिमूर्ति सिंह, मंडल महामंत्री रत्नाकर श्रीवास्तव तथा संगठन महामंत्री किशन सिंह ने कहा कि प्रदेश के लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं पर बढ़ाए गए विद्युत लोड को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए. बिजली मीटर की कीमत 700 रुपये से बढ़ाकर 5300 रुपये किए जाने के निर्णय को निरस्त करने की मांग की गई. ऐसी बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है. बिजली बिलों पर लगाए जा रहे 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए और पहले से ही बढ़ती महंगाई और व्यापार में मंदी के कारण व्यापारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं ऐसे समय में अतिरिक्त शुल्क लगाना पूरी तरह अनुचित है. इसके अलावा उपभोक्ताओं से ली जा रही सिक्योरिटी राशि की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग की गई.

बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जिला महामंत्री आलोक दुबे, जिला संगठन मंत्री भारत राम ‘बबलू’ अग्रहरी, नगर अध्यक्ष राणा महेंद्र प्रताप, उद्योग मंच के जिलाध्यक्ष कमलेश चौधरी, युवा मंच के जिलाध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव, महिला विंग की अध्यक्ष वंदना वर्मा, संजय गुप्ता, सूरज यादव, अश्विन कुमार, नितिन श्रीवास्तव, समीर राना, गोपाल सिंह, निरंजन उपाध्याय, अवधेश कुमार निषाद, शुभम कुमार, अली हुसैन, रिजवान अहमद, धीरेन्द्र चौधरी, प्रदीप गुप्ता, राजकुमार चौधरी, सुनील मिश्रा, आकाश सोनी, रावेश प्रकाश श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार पांडे, उज्जवल श्रीवास्तव, विजय कुमार, उपमेय प्रताप सिंह, मोहम्मद नदीम, धर्मेंद्र कुमार यादव, अभिषेक कुमार गुप्ता सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, व्यापारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे. प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ लेकिन व्यापारियों ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक व्यापक एवं निर्णायक रूप ले सकता है।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


