मां केवल ममता ही नहीं बल्कि प्रेम, त्याग व संस्कारों का वह अथाह सागर होती है जिसके छाव में पूरा जीवन सुरक्षित महसूस किया जाता है. मां के ऐसी भावना को जीवंत करते हुए फिनिक्स पब्लिक स्कूल में मातृ दिवस का कार्यक्रम बहुत ही उत्साह के साथ मनाया गया. विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी माता के प्रति प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया.
विद्यालय परिवार ने मां की ममता को किया नमन
निर्देशिका डॉ. कुशा जायसवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आज के कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया. पूरे विद्यालय को आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगे फूलों, गुब्बारों से सजाया गया था. विद्यार्थियों के माता-पिता भी इस कार्यक्रम में उत्साहित दिखाई दिए. नन्हे मुन्ने छात्रों ने अपनी शानदार प्रदर्शन से सभी दर्शकों का दिल जीत लिया. किसी ने मां की ममता पर कविता सुनाई, तो किसी ने भावपूर्ण गीत गाकर सुनाया सबको भावुक कर दिया. “मां ही जीवन की पहली गुरु होती है” , ” मां का प्यार ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है” जैसे संदेशों से मां के संघर्ष को मंच पर बताया गया. बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थित ने बच्चों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया.

छात्रों ने लघु नाटिका के माध्यम से संदेश दिया कि मां अपने बच्चों के लिए हर कठिनाई को सहन कर लेती है परंतु मां बदले में केवल सम्मान और प्यार ही चाहती है. इस नाटिका के माध्यम से मां की जिम्मेदारी और उनके संघर्ष को भी दर्शाया गया जिसे देखकर लोग भावुक हो गए. विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में माता के लिए कई रोचक गतिविधियों और प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें म्यूजिकल चेयर, क्विज प्रतियोगिता और टैलेंट राउंड में माताओ ने भाग लिया. बच्चों ने अपने माता के लिए अपने हाथों से बनाए गए ग्रीटिंग कार्ड और छोटे-छोटे उपहार भेंट किये जिससे पूरा वातावरण भावनाओं से भर गया.

मातृ शक्ति के सम्मान में अनूठा आयोजन
विद्यालय के निर्देशक डॉ विनायक जायसवाल ने छात्रों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि मां का रिश्ता संसार में सबसे ऊंचा और अलग होता है, एक मां अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर कठिनाई को हंसते हुए सहन करती हैं. आज के बच्चों का भी कर्तव्य भी होना चाहिए कि वह अपने माता-पिता का सम्मान करें और हमेशा उनकी आज्ञा का पालन करें. उन्होंने आगे कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में लोग अपने परिवार को अधिक समय नहीं दे पाते, लेकिन हमें यह बात भी नहीं भूलनी चाहिए कि माता-पिता ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं, वही हमारे आधार होते हैं.

यदि हमें जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो सबसे पहले अपने माता-पिता का गुरु जनों का सम्मान करना सीखें. मां ही परिवार की आत्मा होती है, मां के बिना घर केवल एक मकान ही बनकर रह जाता है. सभी अभिभावकों ने विद्यालय परिवार के प्रयास की सराहना किया और कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं, पारिवारिक मूल्यों और रिश्तो के महत्व को समझने में सहायक होते हैं. आज के डिजिटल समय में ऐसे कार्यक्रमों के होने से बच्चों को परिवार से भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य करते हैं.
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


