हमारे बच्चे ही हमारे देश का भविष्य है. आज हर एक बच्चा अपने जीवन को निखारने के लिए कुछ ना कुछ सपने जरूर देखता है. कोई नेता बनना चाहता है, कोई डॉक्टर, इंजीनियर बनना चाहता है, कोई वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहता है. परंतु एक बात याद रखना बहुत ही आवश्यक है कि वही सपने सच होते हैं जिनके साथ मेहनत, लगन, विश्वास और अनुशासन जुड़ा होता है.
शिक्षा ही बनाएगा भारत के भविष्य को बेहतर
एजुकेटर आस्था त्रिपाठी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी इंसान को जीवन में सफलता आसानी से नहीं मिलती. हर सफल व्यक्ति के पीछे परिश्रम, संघर्ष, धैर्य, अनुशासन और मेहनत छिपा होता है. अगर इतिहास उठाकर देखा जाए तो जिन सफल व्यक्तियों ने अपने जीवन में महान कार्य किए हैं उन्होंने कभी हार नहीं मानी. उन महान व्यक्तियों ने अपने परिस्थितियों से लडना सीखा, अपने समस्याओं का समाधान किया, प्रत्येक चुनौती को स्वीकार किया और अपने लक्ष्य पर लगातार आगे बढ़ते रहें तब जाकर उन महान व्यक्तियों को सफलता प्राप्त हुई है. जीवन में विद्यार्थी जीवन ही सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. यही एक ऐसा कालखंड है जिसमें हम अपने चरित्र का निर्माण आसानी से कर सकते हैं.

विद्यार्थी जीवन में ही हम अपने बुरे आदतों को छोड़कर सही रास्ते पर चल सकते हैं. विद्यार्थी जीवन ही भविष्य का आधार होता है. अगर हम विद्यार्थी जीवन का सही उपयोग करें जैसे- नियमित रूप से रोजाना पढ़ाई करें, अपने गुरु जनों की आज्ञा का पालन करें, सबका सम्मान करें और एक दूसरे को अपना समझे. इन रास्तों पर चलने से ही हमारा भविष्य उज्जवल हो सकता है. आधुनिक युग में तकनीकी विज्ञान बहुत तेजी से मानव जीवन को सरल बना रहा है लेकिन इस तकनीकी के बुरे प्रभाव से बच्चों का ध्यान भटक रहा है. तकनीकी विज्ञान के अंतर्गत आने वाले मोबाइल और सोशल मीडिया के प्लेटफार्म और मनचाहा मनोरंजन ही हमारे समय को बेकार कर रहे हैं इसी कारण बच्चों का ध्यान भी भटक जा रहा है. तकनीक ही आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है.
परिश्रम के बिना अधूरा होगा विद्यार्थी का सपना
मेरे अपने विचारों की माने तो आधुनिक विज्ञान या तकनीकी विज्ञान बुरा नहीं है बल्कि इसका दुरुपयोग करना गलत है. आज के तकनीकी विज्ञान हमारे हर एक प्रश्न का जवाब बहुत ही अच्छे ढंग से दे सकती है इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वह सोशल मीडिया का कम उपयोग करें और तकनीकी विज्ञान की सहायता से ज्ञान अर्जित करें. अगर हम अपनी तकनीकी का गलत उपयोग करेंगे तो इससे हमारा भविष्य खतरे में आ सकता है, हमारे सोचने समझने की क्षमता खत्म हो सकती है. विद्यार्थी जीवन में शारीरिक क्षमता बहुत ही अधिक होती है इसलिए हमें अपने शारीरिक क्षमता को देखते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ाना चाहिए.

महान व्यक्तियों का जीवन संघर्ष इस बात का गवाह है कि सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जो अपने लक्ष्य को पूरी ईमानदारी और मेहनत से प्राप्त करने की कोशिश करते हैं, जो सब कुछ भूल कर केवल अपने लक्ष्य को ही अपना भविष्य मानता है वही जीवन में सफल होता है. हमें अपने जीवन में असफलता के डर से कभी भी घबराना नहीं चाहिए क्योंकि सफलता के लिए कई बार हार जाना भी जरूरी होता है. असफलता हमें इस बात के लिए प्रेरित करती है कि हमें अपने लक्ष्य को पाने के लिए एक प्रयास फिर से करनी चाहिए. जो इंसान गिरकर खड़ा होना सीख जाता है वही अपने जीवन में इतिहास रचता है यही सफलता की सीढ़ी होती है. विद्यार्थियों को सफलता पाने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ संस्कारों पर भी अधिक से अधिक बल देना चाहिए क्योंकि उस सफलता का क्या लाभ जिसमें संस्कार रुपी पानी ही न डाला गया हो. जिस व्यक्ति में संस्कार नहीं होते हैं वह सफलता प्राप्त करने के बाद भी अपमान का पात्र बन जाता है इसलिए हमें अपने संस्कारों पर भी ध्यान देना चाहिए.


