स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लखनऊ की NEW TREND MAKEUP STUDIO AND ACADEMY की प्रसिद्ध सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट, ग्लोबल एजुकेटर एवं इवेंट ऑर्गेनाइज़र निधि श्रीवास्तव ने देश की आजादी, शिक्षा, बेटियों के सशक्तिकरण और राष्ट्रीय एकता को लेकर समाज के लोगों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया और कहा कि 15 अगस्त केवल तिरंगा फहराने और देशभक्ति के गीत गाने का दिन नहीं है बल्कि यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिनके प्रयासों से भारत को आजादी मिली . आजादी हमें अधिकार देती है लेकिन इसके साथ देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को समझना भी उतना ही जरूरी है.
तिरंगे के पर्व पर निधि श्रीवास्तव का खास संदेश – बेटियों की उड़ान से ही मजबूत होगा देश
निधि श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी एकता और विविधता में छिपी हुई है. हमारे देश में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और जीवनशैलियां हैं लेकिन इन सभी के बावजूद हम सभी भारतीय हैं. यही भावना देश को मजबूत बनाती है. हमें जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव से दूर रहना चाहिए तथा एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए. आपसी भाईचारा, सहयोग और सम्मान की भावना ही भारत को आगे ले जाने का रास्ता तैयार करती है. आजादी की रक्षा केवल सीमा पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे. विद्यार्थी ईमानदारी से पढ़ाई करें, शिक्षक अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाएं, अभिभावक बच्चों को अच्छे संस्कार दें और नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करें, तो देश की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता. एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण केवल बड़ी योजनाओं से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों और सकारात्मक प्रयासों से होता है.

निधि श्रीवास्तव ने विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा और उनके अधिकारों पर जोर दिया और कहा कि आज के दौर में बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, चिकित्सा, तकनीक, व्यवसाय और सेना सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं. बेटियां परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के साथ-साथ देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं इसलिए समाज को बेटियों के प्रति अपनी सोच को और सकारात्मक बनाने की जरूरत है. किसी भी बेटी के सपनों को केवल इसलिए नहीं रोका जाना चाहिए कि वह लड़की है, उसे भी वही अवसर, सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, जो एक बेटे को दिया जाता है. यदि बेटियों को अच्छी शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, तो वे आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र को भी नई दिशा देंगी. बेटी को शिक्षित करना केवल एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है. शिक्षा हर एक देश की सबसे बड़ी ताकत होती है. शिक्षा व्यक्ति को केवल रोजगार के योग्य नहीं बनाती, बल्कि उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनने की क्षमता भी देती है. एक शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों को समझता है और अपने कर्तव्यों को भी पहचानता है.
15 अगस्त पर निधि श्रीवास्तव ने समाज को दिखाई नई राह
आज के समय में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ देशप्रेम, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी, नैतिक मूल्यों और मानवता की भावना भी सिखाई जानी चाहिए. आज हमें यह भी समझना होगा कि देश का भविष्य केवल नेताओं या अधिकारियों के हाथ में नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ी के हाथों में भी है. निधि श्रीवास्तव ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद करते हुए कहा कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे पूरा करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है. हमारे पूर्वजों ने अपने सुख-सुविधाओं की चिंता किए बिना देश की आजादी के लिए संघर्ष किया. अनेक लोगों ने जेल की यातनाएं सहीं और हजारों वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी. आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे उन महान लोगों का त्याग और संघर्ष है

इसलिए स्वतंत्रता दिवस हमें अपने इतिहास को याद करने और उससे प्रेरणा लेने का अवसर देता है. निधि श्रीवास्तव ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि भारत की युवा पीढ़ी के पास ऊर्जा, प्रतिभा और नई सोच है. जरूरत केवल इस बात की है कि इस शक्ति को सही दिशा दी जाए. विद्यार्थी अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर रहें, मेहनत करें और असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लें. सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता है. निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं. देश की प्रगति तभी संभव है जब शिक्षा और समान अवसर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे. शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत लोकतंत्र की नींव रखता है इसलिए हर परिवार को अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और बेटियों की पढ़ाई को विशेष महत्व देना चाहिए।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


