देशभर में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाता है. यह दिन प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का अवसर होने के साथ-साथ उन स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करने का दिन भी है, जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सनराइज स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. फैसल अख्तर ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया.
आजादी के पर्व पर युवाओं को शिक्षा से राष्ट्रनिर्माण तक मिला खास संदेश
डॉ. फैसल अख्तर ने कहा कि 15 अगस्त केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है बल्कि हर भारतीय के लिए आत्मचिंतन और संकल्प का दिन है. हमें इस दिन यह विचार करना चाहिए कि देश की आजादी के लिए जिन वीरों ने अपना जीवन समर्पित किया, उनके सपनों का भारत बनाने में हम अपनी भूमिका किस प्रकार निभा सकते हैं. उन्होंने कहा कि आजादी हमें वर्षों के संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद मिली है. स्वतंत्रता सेनानियों ने जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया. उनके त्याग और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता. आज की पीढ़ी का दायित्व है कि वह स्वतंत्रता के महत्व को समझे और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में अपना योगदान दे.

सनराइज स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं. उनके भीतर आज जो संस्कार और विचार विकसित होंगे, वही आने वाले भारत की दिशा तय करेंगे. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में ईमानदारी, मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी को अपनाएं. देश की सेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं की जाती है बल्कि एक विद्यार्थी पूरी ईमानदारी से अपनी पढ़ाई करके, एक शिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करके और एक नागरिक अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को समझकर भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है.

नशे से दूरी, शिक्षा से दोस्ती और राष्ट्रसेवा का संकल्प
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है. एक शिक्षित और जागरूक युवा ही देश को नई दिशा दे सकता है इसलिए विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और देश के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक सौहार्द जैसे विषयों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. उनका कहना था कि छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करके भी देश के विकास में बड़ा योगदान दिया जा सकता है. प्रधानाचार्य ने कहा कि आज भारत शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, चिकित्सा और विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है. देश के विकास की इस यात्रा को और मजबूत बनाने के लिए युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा. उन्होंने विद्यार्थियों को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा अपने समय और ऊर्जा का उपयोग शिक्षा एवं रचनात्मक गतिविधियों में करने की सलाह दी.

देश की आजादी के साथ हमारे ऊपर कई जिम्मेदारियां भी आती हैं. संविधान का सम्मान करना, कानून का पालन करना, दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना और समाज में भाईचारे की भावना बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. डॉ. फैसल अख्तर ने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें मिलकर ऐसा भारत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जहां शिक्षा, समानता, भाईचारा और मानवता को प्राथमिकता मिले. देश की तरक्की तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को समझते हुए पूरी ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाए. 15 अगस्त हमें अपने गौरवशाली इतिहास को याद करने के साथ-साथ बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है. यही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और यही एक मजबूत, शिक्षित एवं विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।

शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


