समाज की संकीर्ण सोच, कार्यप्रणाली से दूर रखा – प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट छवि कसौधन

छवि मेकओवर ब्यूटी पार्लर कि संचालिका छवि कसौधन ने भारत के साथ विश्व की सभी महिला शक्तियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक महिला ही परिवार समाज और राष्ट्र की विकास का आधार होती है. बिना नारी विकास के राष्ट्र विकास मात्र एक कल्पना है. जब नारी विकसित होगी तो राष्ट्र के विकास का रास्ता खुद ही सरल हो जाएगा. भारत जैसे अखंड राष्ट्र को एक नारी की संज्ञा दी गई है. जिसे हम भारत मां कहते हैं.

घर संभालना ही माना गया कर्तव्य

प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट छवि कसौधन ने मीडिया को बयान दिया कि हमारे पूर्वजों ने हजारों वर्ष पहले ही भारत को नारी सम्मान से सम्मानित किया. भारत का यही विचार ही नारी के प्रति सम्मान का सबसे बड़ा उदाहरण है. हम सभी भारतवासी अपने आप को मां भारती का पुत्र मानते हैं. मां और पुत्र का ऐसा उदाहरण केवल भारत में ही देखने को मिलता है. इसके अलावा विश्व में अन्य कहीं नहीं. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बात की जाए तो यह दिवस हर साल 8 मार्च को ही मनाया जाता है. इसके इतिहास की बात की जाए तो लगभग 115 वर्ष से पहले विदेशी महिलाओं ने अपने अधिकारों को समझते हुए सरकार और समाज के सामने प्रदर्शन करना शुरू किया. यह प्रदर्शन विशेष रूप से समाज में महिलाओं की स्थिति, कार्य और उनकी प्रतिभा से संबंधित था.

इसके बाद डेनमार्क में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया. सन् 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की स्वीकृति प्रदान की. तब से लेकर आज तक 8 मार्च को ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाने लगा. भारत के लगभग आधी आबादी महिलाओं की बात करें तो भारत का प्रगति तभी संभव है. जब भारत की महिलाएं स्वस्थ, सुरक्षित और शिक्षित होंगी. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के माध्यम से हम समाज में यह भी संदेश दे सकते हैं कि महिलाओं को किसी भी क्षेत्र में पीछे ना रखें. बल्कि शिक्षा, रोजगार और निर्णय लेने का अवसर भी देना चाहिए क्योंकि जब महिलाएं शिक्षित और निर्णय लेने में सक्षम होगी. तभी वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा पायेंगी.

समाज की रही पुरानी सोच

छवि कसौधन ने न्यूज़ ऑफ़ नेशन को बताया कि गुलामी मानसिकता के कारण हमारे समाज की महिलाओं को बाहरी क्षेत्र के कार्यप्रणाली से वंचित रखा जाता था. उनको अनेक प्रकार की यातनाएं दी जाती थी. सामाजिक और घरेलू हिंसा का मुख्य आरोपी महिलाओं को ही माना जाता था. उनमें नौकरी और शिक्षा के अवसर अभाव देखा जाता था. परंतु महिलाओं के लंबे, संघर्ष के बाद आज महिलाओं की स्थिति में काफी परिवर्तन देखने को मिला है. आज हर क्षेत्र में महिला अपनी अद्वितीय प्रतिभा दिख रही है. आज विश्व की हर एक महिला चिकित्सक, इंजीनियर, वैज्ञानिक, शिक्षिका, पुलिस, रेलवे, पायलट व मंत्री बनकर अपनी प्रतिभा का विकास कर रही है. महिलाओं का विकास, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कारण हीं हो पा रहा है.

रानी लक्ष्मीबाई ने अपने पराक्रम से अंग्रेजों को हराकर भारत देश की सेवा की और पूरे विश्व में महिलाओं के शक्ति को प्रदर्शित किया. रानी लक्ष्मी बाई का यह प्रराकम नारी सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है. आज के समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार, समाज तथा विभिन्न संगठनों को महिला जागरूकता अभियान चलाना होगा ताकि अधिकारों से वंचित शेष महिलाएं भी अपने प्रतिभा का विकास कर सकें. निष्कर्ष के रूप में मैं प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट छवि कसौधन सभी महिलाओं को यही कहना चाहती हूं कि महिला दिवस महिलाओं के लिए उत्सव का दिन है. यह उत्सव उनके अधिकारों को समझना और सम्मान देना है. जब समाज में महिलाओं को पुरुषों के सामान अवसर मिलेंगे तभी हमारा भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आएगा. तभी हमारा भारत समृद्धशाली और विश्व गुरु की उपाधि प्राप्त करेगा.

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