बस्ती गांधीनगर में स्थित पूजा ब्यूटी जोन की संचालिका पूजा पांडेय ने कहा मैं भारत की सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देती हूं. यह दिन नारी के सम्मान और अधिकार का दिन है. हर वर्ष 8 मार्च को ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है. यह दिन नारी के योगदान, समर्पण, अधिकार और हर क्षेत्र में उसके महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने का दिवस है.
हर जगह नारी की मजबूत पहचान
न्यूज़ ऑफ़ नेशन की टीम से बातचीत करते हुए बॉलीवुड मेकअप आर्टिस्ट पूजा पांडेय ने बताया आज की आवश्यकता है कि हम नारी के अधिकार को समझे , उसके विचारों को अधिक से अधिक विश्वास दें , उसकी पहचान को समाज में सम्मान दें और उसकी सुरक्षा को बढ़ावा दें. आधुनिक युग की बात करें तो वर्तमान समय में शिक्षा से लेकर शिक्षण कार्य तक, विज्ञान से लेकर वैज्ञानिक तक, समाज से लेकर संसद भवन तक हर एक क्षेत्र में नारी अपनी अहम भूमिका निभा रही है. इसके साथ ही एक महिला अपने पति, बच्चे, परिवार और खुद का भी ध्यान रखती है. यही एक सशक्त नारी की पहचान है. महिला दिवस के महत्व की बात की जाए तो महिला दिवस का मुख्य महत्व महिला के प्रति सम्मान और उसकी आंतरिक भावना को बढ़ावा देना है.

गुलामी मानसिकता के कारण हजारों वर्षों से भारत की रिती रिवाज यही थी कि महिलाएं घर संभाले और भोजन बनाए. उनको शिक्षा, नौकरी, सामाजिक कार्य और सामाजिक फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं था. उनका घर से बाहर निकल पाना भी मुश्किल था. लेकिन समय के साथ-साथ नारियों ने खुद में परिवर्तन किया और अपने अस्तित्व के लड़ाई के लिए संघर्ष किया. तब सरकार और समाज के विचार विमर्श के बाद धीरे-धीरे नारियों को अवसर दिया गया और उन्होंने अपना प्रतिभा दिखाना शुरू किया. आज कोई भी क्षेत्र हो जैसे इंजीनियर, डॉक्टर, टीचर, रेलवे बैंकिंग, पुलिस आर्मी हर क्षेत्र में नारी एक नई पहचान बनकर आई है और उच्च पदों पर भी आसीन है.

नारी शक्ति का नया दौर
प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट पूजा पांडेय ने आगे कहा वर्तमान भारत की बात की जाए तो भारत की राष्ट्रपति भी एक महिला ही है. जो अपने कर्तव्यों का ध्यान रखते हुए भारत जैसे अखंड राष्ट्र की सेवा कर रही है. इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों को समझने और सम्मान देने का भी दिवस है. समाज में महिलाओं की भूमिका की बात की जाए तो एक महिला ही परिवार समाज और राष्ट्र की आधारशिला मानी जाती है. एक सशक्त महिला ही मां, बहन, बेटी, पत्नी बुआ बनकर परिवार को संभालती है और अपनी पीढ़ी को गतिशील बनाकर समाज के विकास में योगदान देती है. आज हम जहां भी देखते हैं वहां महिलाएं, आत्मनिर्भर बनकर अपना जीवन अधिक बेहतर बना रही हैं और अपने जीवनयापन के लिए पैसे भी कमा रही है. इस प्रकार हम कह सकते हैं कि एक विचारशील, शक्ति स्वरूपा, नारी अपने राष्ट्र के विकास में योगदान दे रही है.

जब से महिलाएं अनेक क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करना शुरू की है तब से उनके सामने अनेक चुनौतियां विशाल पर्वत के समान खड़ी हो गई है. लेकिन आज की महिलाएं उन चुनौतियों का सामना भी अपनी तार्किक शक्ति से कर रही है. आज के समाज में अभी भी कुछ कुछ महिलाएं लैंगिक भेदभाव, असमानता, पारिवारिक हिंसा, अपमान, शारीरिक शोषण का शिकार हो रही है. हजारों वर्षों की ऐसी समस्याएं आज भी हमारे समाज में मौजूद है. इन्हीं समस्याओं के कारण कुछ महिलाएं अपना करियर बेहतर नहीं बन पा रही हैं. इसलिए आज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हमें महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार और उनके आत्मविश्वास को सामाजिक शक्ति देनी होंगी और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के साथ ही नारी सम्मान जागरूक अभियान भी चलना होगा. तब जाकर हर एक महिला सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर हो सकती है. मैं प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट पूजा पांडेय एक बार फिर भारत की सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं.


