बस्ती पचपेडिया रोड स्थित देल्ही पब्लिक सीनियर स्कूल एवं यूरो किड्स के परीक्षा में बैसाखी जैसे पावन पर्व का उत्सव मनाया गया. यहां पर्व अत्यंत उत्साह, उमंग और संस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया. इस शुभ अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक और छात्र छात्राओं के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित देखने को मिली. इस कार्यक्रम में सभी बच्चों ने अपनी प्रतिभा से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके सभी दर्शको का दिल जीत लिया.
दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ बैसाखी उत्सव
इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर अमरमणि पाण्डेय के द्वारा दीप प्रज्वलन शुरू किया गया . इस शुभ अवसर पर उन्होंने सभी लोगों को बैसाखी जैसे महापर्व के ढेर सारी शुभकामनाएं दी और विद्यार्थियों को खालसा पंथ और फसल उत्सव के ऐतिहासिक पहलुओं से अवगत कराया. उन्होंने कहा की बैसाखी जैसे संस्कृति त्योहारों से हमें हमेशा जुड़े रहना चाहिए क्योंकि ऐसे पर्व हमें अपने सांस्कृति, परंपरा और विरासत से जोड़ते हैं और हमें अपनी जड़ों को समझने की प्रेरणा देते हैं. आज के युग में हमें आवश्यकता है कि हम अपने आधुनिक शिक्षा को प्राप्त करने के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक विरासत को भी संजोकर रखें. विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती अर्चना पांडेय जी ने कार्यक्रम की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और अनुशासन ही मानव जीवन सबसे बड़ी जरूरत है.

विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं होता बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र होता है. दिल्ली पब्लिक सीनियर स्कूल की उपलब्धियों की बात करें तो यहां के सभी बच्चे प्रतिभाशाली हैं और हमारा विद्यालय में पूरे बर्ष लगातार सांस्कृतिक आयोजन करवाता है जिसमें सभी बच्चों का आत्मविश्वास बढता है और उनके प्रतिभा को निखरने का एक अवसर मिल जाता है. इस कार्यक्रम के आयोजन में विद्यालय की एकेडमिक इंचार्ज दिव्या पाठक जी का भी विशेष योगदान रहा. उनके मार्गदर्शन में सभी छात्रों ने हयूरेका पर आधारित थीम जैसे गतिविधियों का आयोजन किया जिसमें आर्ट एवं क्राफ्ट प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों ने रचनात्मक प्रतिभा को सबके सामने लाया.

यूरो किड्स में बैसाखी पर्व में दिखा सांस्कृतिक कार्यक्रम
इसके साथ ही भांगड़ा और गिद्दा जैसे पंजाबी पारंपरिक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति प्रस्तुत की गई. विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल श्री दिनेश पाठक जी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि हमारे विद्यालय में सभी छात्रों और शिक्षकों के बीच पिता-पुत्र जैसा व्यवहार है. विद्यालय में होने वाले ऐसे कार्यक्रम बच्चों में टीमवर्क, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं. उन्होंने सभी छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार की यह एकजुटता ही विद्यालय के सफलता की कुंजी है. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समाज के शिक्षक शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा.

उनके नाम क्रमशः नीलम चौधरी, लक्ष्मी वर्मा, रिचिका सिंह, आराध्या सिंह, सुमन गुप्ता, संजू सिंह, आकांक्षा मिश्रा, अयाज अहमद, अभिनव प्रजापति, नंदिनी गाडिया, आफताब अहमद, अभिषेक वर्मा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, प्रिया पांडेय और प्रीति मिश्रा है जिन्होंने सभी छात्रों को लोकगीत और नृत्य की विशेष तैयारी करवाई. इसके अलावा विद्यालय के अन्य स्टाफ व सदस्यों ने मंच संचालन, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालते हुए विद्यालय के कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई. पूरे विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और पारंपरिक सजावटी सामग्रियों से सजाया गया था. विद्यालय का यह कार्यक्रम न केवल बच्चों को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया बल्कि उनकी प्रतिभा को मंच देने का भी एक अवसर प्रदान किया।


