नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और सृष्टि की ऊर्जा – स्वाति गुप्ता

नर्सिंग ऑफिसर स्वाति गुप्ता ने नवरात्रि के पावन पर्व पर सभी नारी शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्रि एक त्यौहार होने के साथ-साथ नारी शक्ति की साहस, क्षमता, ममता और सृजन की महिमा का उत्सव है. नवरात्रि का नौ दिन इस बात का भी प्रमाण है कि नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ पूरे समाज और सृष्टि की ऊर्जा का स्रोत हैं. नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है. मां दुर्गा का यह नौ रूप हमें अनेकों गुण और शक्ति से संपन्न करते हैं. साहस, क्षमता, धैर्य, करुणा, त्याग, प्रेम, एकता, न्याय वास्तव में यह सभी गुण हर नारी में पहले से ही छिपे होते हैं. इसीलिए नवरात्रि का पावन त्यौहार नारी शक्ति के प्रति सम्मान की भावना का बढ़ावा देने का भी त्यौहार है. प्राचीन पौराणिक ग्रंथों की बात की जाए तो मां दुर्गा ने अपने शक्तियों से कई राक्षसों का संघार किया. इस प्रकार हम समझ सकते हैं कि एक सशक्त नारी वह शक्ति होती है जो संसार का सृजन करती है, पालन करती हैं, जरूरत पड़ने पर बुराई के खिलाफ युद्ध करती हैं और संसार की रक्षा करती हैं.

परिवार व समाज में नारी शक्ति की वास्तविक भूमिका

स्वाति गुप्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि बेटी जब जन्म लेती हैं तो उसे मां दुर्गा का ही रूप माना जाता है. एक नारी ही विभिन्न रूपों में जन्म लेती है जैसे बेटी, बहन, पत्नी और मां। एक बेटी ही परिवार में खुशी लेकर आती हैं. एक बहन ही अपने भाइयों के रक्षा की कामना करती है. एक मां ही अपने परिवार की देख रेख और पालन पोषण करती हैं और अपने बच्चों को संस्कार देती है. एक पत्नी ही अपने पति का जीवनसाथी बनकर उसके अच्छे-बुरे समय में साथ देती है. समाज में नारी की भूमिका ही समाज को जागरूक और मजबूत बनता है. नवरात्रि हमें इस बात का भी संदेश देता है कि हमें नारी शक्ति का सम्मान करना चाहिए और उन्हें समानता का अवसर भी देना चाहिए.

एक नारी की प्रतिभा को निखारने के लिए भी हमें अपना सहयोग देना चाहिए. एक बात स्पष्ट है कि जब नारी आगे बढ़ती है तो समाज, परिवार खुद ही आगे बढ़ने लगता है और राष्ट्र की प्रगतिशीलता पहले से अधिक बढ़ जाती हैं. वर्तमान समय की बात करें तो आज की अधिकतर नारियां, ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा, खेल, राजनीति, न्याय, सामाजिक संगठन, कला आदि के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा निखार रही है और आसमान की ऊंचाइयों को छू रही है. इस नवरात्रि के शुभ अवसर पर हम सभी भारतवासियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन में नारी शक्ति का सम्मान करेंगे, उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे, उनके प्रतिभा को निखारने में सहयोग करेंगे और उनको सशक्त बनाएंगे. एक नारी ‘शक्ति का स्तंभ’ होने के साथ-साथ प्रेम, ममता, करुणा, दया का भी स्तंभ माना जाता है.

नवरात्रि का नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित

मीडिया से बातचीत करने के दौरान स्वाति गुप्ता ने कहा कि एक नारी के बिना परिवार और समाज की कल्पना करना भी असंभव है. नवरात्रि में सभी मंदिरों को सजाया जाता है. सभी मंदिरों और घरों में मां दुर्गा पूजा अर्चना की जाती है. नवरात्रि का 9 दिन मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित है. नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री, दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरा दिन मां चंद्रघंटा, चौथ दिन मां कुष्मांडा, पांचवा दिन मां स्कंदमाता, छठा दिन मां कात्यानी, सातवां दिन मां कालरात्रि, आठवां दिन माता महागौरी और नौवां दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है.

मां दुर्गा के यह नौ रूप शक्ति, संयम, त्याग, तप, साहस, वीरता, शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि, प्रेम, संरक्षण, पवित्रता, सौभाग्य, सिद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं. नवरात्रि के अष्टमी और नवमी दिन कन्याओं का पूजन भी होता है इसमें कन्याओं को भोजन कराया जाता है और उन्हें नए-नए उपहार भी दिए जाते हैं और उनका आशीर्वाद भी लिया जाता है. कन्या पूजा का उदाहरण हीं नारी के प्रति सम्मान का सबसे बड़ा उदाहरण है. नवरात्रि के समय पूरे देश में भक्ति का वातावरण छाया रहता है. लोग मां की भक्ति करते हैं और व्रत भी रहते हैं. कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे डांडिया और गरबा का भी आयोजन किया जाता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top