उत्तर प्रदेश – बस्ती, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से भव्य अलबेला फेस्टिव मेला का आयोजन किया गया. जिसमें बस्ती के साथ-साथ देवरिया, गोरखपुर, पडरौना और प्रयागराज से आई महिला उद्यमियों ने अपने-अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए थे. मेले में महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पाद, परिधान, गृह सज्जा की वस्तुएँ, खाद्य सामग्री तथा अन्य उपयोगी सामान आकर्षण का केंद्र रहे. बड़ी संख्या में शहरवासियों ने मेले में पहुंचकर खरीदारी की और महिलाओं के प्रयासों की भरपूर सराहना की.
नारी शक्ति की झलक, महिलाओं ने लगाए स्वरोजगार के स्टॉल
सम्मेलन की अध्यक्ष पारुल टिबड़ेवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन हमेशा से महिलाओं के सर्वांगीण विकास और नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य करता रहा है. समाज में महिलाओं की भूमिका निरंतर मजबूत हो रही है और ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है. संस्था भविष्य में भी महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी. कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना, उनके हुनर को पहचान दिलाना तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना था.

मेले के माध्यम से महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का एक सशक्त मंच प्राप्त हुआ. संस्था केवल महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास को भी अपनी प्राथमिकता देती है. इसी उद्देश्य बच्चों के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा प्रतियोगिता का विषयपर्यावरण संरक्षण व नारी सशक्तिकरण रखा गया, ताकि बच्चों में बचपन से ही सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और महिलाओं के सम्मान की भावना विकसित हो सके. ड्राइंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को बस्ती की रानी मां के करकमलों द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया.

उत्साह, उमंग और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम
बच्चों ने रंगों से प्रकृति संरक्षण, स्वच्छ वातावरण, महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को अत्यंत सुंदर ढंग से चित्रित किया. बच्चों की रचनात्मकता और सामाजिक सोच ने सभी उपस्थित लोगों को काफी प्रभावित किया. पुरस्कार प्राप्त कर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में भी ऐसी प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया. इस आयोजन में एक महत्वपूर्ण आकर्षण महिलाओं के स्वास्थ्य को समर्पित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी रहा. प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ डॉ. गरिमा जायसवाल द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं अन्य लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई.

शिविर में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देने के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई. उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया. पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, उमंग और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव आभा अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पूनम टेकरीवाल, राधा अग्रवाल, ममता गाड़िया, रिंकी गाड़िया, सोनल, नम्रता तुलसियान, आयुषी तुलसियान, आकांक्षा सिंघल, सृष्टि बथवाल, शिखा, सोनी गाड़िया, ममता डीडवानिया सहित क्लब की अन्य सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा।

शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


