बस्ती, पचपेड़िया रोड स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान देल्ही पब्लिक सीनियर स्कूल एवं यूरोकिड्स प्री-स्कूल के प्रांगण में 14 सितंबर को हिंदी दिवस अत्यंत उत्साह, उमंग और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया. इस अवसर पर विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, आत्मीयता और गौरव की भावना विकसित करने के साथ-साथ उनकी तार्किक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. प्रतियोगिताओं में विद्यालय के चारों सदनों – रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू हाउस के विद्यार्थियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ प्रतिभाग किया.
स्कूल में चारों सदनों के बीच छिड़ गया जबरदस्त मुकाबला
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक अमरमणि पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित करके किया. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं है बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा, संवेदनाओं और राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ी भाषा है. मातृभाषा हमारी पहचान और संस्कृति का महत्वपूर्ण आधार है. आधुनिक तकनीकी युग में हिंदी का महत्व निरंतर बढ़ रहा है और आज हिंदी देश की सीमाओं से आगे वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रही है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करने तथा दैनिक जीवन में हिंदी के शुद्ध एवं प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया और आगे कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना भी है. ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं और उन्हें अपने विचारों को निर्भीकता के साथ व्यक्त करने का अवसर देती हैं.

विद्यालय की प्रधानाचार्या अर्चना पांडेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाषा किसी भी व्यक्ति के विचारों और व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होती है. हिंदी जैसी समृद्ध भाषा से जुड़कर विद्यार्थी अपनी संस्कृति और विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि वाद-विवाद और भाषण जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की तार्किक सोच, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और मंचीय अभिव्यक्ति को मजबूत करती हैं. उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिभागिता और सीखने की भावना है. इसके बाद उन्होंने विजेता विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. सदनवार आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए. बच्चों की विषय पर पकड़, तार्किक क्षमता और प्रस्तुति शैली ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया. कड़े मुकाबले के बाद ग्रीन हाउस ने उत्कृष्ट तार्किक प्रस्तुति के साथ वाद-विवाद प्रतियोगिता में विजेता का खिताब हासिल किया. वहीं भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के महत्व, भारतीय संस्कृति, शिक्षा और समाज में मातृभाषा की भूमिका जैसे विभिन्न विषयों पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए.

भाषण और वाद-विवाद में बच्चों ने मचा दिया धमाल
प्रतिभागियों ने अपने ओजस्वी वक्तव्यों से हिंदी के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को अभिव्यक्त किया. भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान येलो हाउस के प्रणव ने प्राप्त किया. द्वितीय स्थान ग्रीन हाउस की वैष्णवी एवं रेड हाउस की श्रेया ने हासिल किया, जबकि तृतीय स्थान ग्रीन हाउस के लक्ष्य को मिला. सांत्वना पुरस्कार ब्लू हाउस के शाश्वत पांडेय एवं रेड हाउस की रूही यादव को प्रदान किया गया. विजेता विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम की संपूर्ण शैक्षणिक रूपरेखा तैयार करने एवं प्रतियोगिताओं के संचालन में विद्यालय की एकेडमिक इंचार्ज दिव्या पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मातृभाषा विचारों की अभिव्यक्ति का सबसे सहज, स्वाभाविक और प्रभावी माध्यम है. जब बच्चे अपनी भाषा में बिना किसी संकोच के विचार रखते हैं तो उनकी बौद्धिक एवं रचनात्मक क्षमता का सर्वांगीण विकास होता है.

विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल दिनेश त्रिपाठी ने विद्यार्थियों के अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रभावशाली प्रस्तुतियों की सराहना की और कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्र निर्माता हैं और अपनी मातृभाषा को समृद्ध बनाए रखना हम सभी का दायित्व है. उन्होंने आगे कहा कि भाषा के प्रति सम्मान की भावना विद्यार्थियों को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती है. इस पूरे आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं शिक्षकों – नीलम चौधरी, लक्ष्मी वर्मा, रिचिका सिंह, आयाज अहमद, प्रिया पांडेय, रश्मि शुक्ला, दीपांजलि, नंदिनी गडिया, आफताब शेख, उत्कर्ष श्रीवास्तव एवं प्रीति का सराहनीय योगदान रहा. सभी ने हर्षोल्लास के साथ हिंदी दिवस समारोह का समापन किया. यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाला यादगार अवसर साबित हुआ।

शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


