अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर पचपेड़िया रोड स्थित यूरोकिड्स प्री-स्कूल एवं देल्ही पब्लिक सीनियर स्कूल परिसर में दान उत्सव का भावपूर्ण आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद और अनाथ बच्चों की शिक्षा, पोषण तथा मूलभूत आवश्यकताओं में सहयोग प्रदान करने के साथ विद्यार्थियों में सेवा, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था. आयोजन के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जरूरतमंद बच्चों के लिए विभिन्न उपयोगी सामग्री एकत्रित कर सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की.
दान उत्सव के जरिए बच्चों ने सीखा सेवा का संस्कार
विद्यालय प्रबंधन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं है बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है. प्रबंधन के अनुसार वास्तविक शिक्षा वही है जो बच्चों को एक संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती हो. इसी सोच के साथ विद्यालय में समय-समय पर बच्चों को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है ताकि वे समाज के जरूरतमंद वर्गों की परिस्थितियों को समझ सकें और अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने की आदत विकसित कर सकें. प्रबंधन ने बच्चों की इस पहल की सराहना करते हुए अभिभावकों के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया.

दान उत्सव के दौरान बच्चों और अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज की. विद्यार्थियों ने अनाथालय के बच्चों के लिए कॉपियां, किताबें, पेंसिल, स्टेशनरी किट सहित कपड़े, खिलौने और खाद्य सामग्री दान स्वरूप उपलब्ध कराई. बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ सामग्री एकत्रित की और इस पहल के माध्यम से शेयरिंग एंड केयरिंग की भावना को व्यवहार में उतारा. विद्यालय की ओर से बच्चों को समझाया गया कि जरूरतमंदों के साथ अपनी उपयोगी वस्तुएं साझा करना केवल मदद नहीं है बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है. इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को कम उम्र में ही सेवा और सहयोग के महत्व को समझने का अवसर दिया.

साक्षर समाज ही समानता, जागरूकता और प्रगति की मजबूत नींव तैयार करता है
कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और इसे व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में विद्यालय की एकेडमिक इंचार्ज दिव्या पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने की क्षमता तक सीमित नहीं है. यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उसे अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का माध्यम है. उन्होंने आगे कहा कि साक्षर समाज ही समानता, जागरूकता और प्रगति की मजबूत नींव तैयार करता है. उनके अनुसार साक्षरता दिवस पर दान उत्सव आयोजित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह संदेश देना है कि शिक्षा का वास्तविक महत्व तभी है जब उसका लाभ समाज के उन बच्चों तक भी पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है. उन्होंने आयोजन में सभी कक्षाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई.

विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल दिनेश त्रिपाठी ने भी बच्चों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार, नैतिक मूल्य और मानवीय संवेदनाओं का विकास बच्चों के व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में दूसरों की सहायता करने, अपनी खुशियां साझा करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना मजबूत होती है. उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे सकारात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया. इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं नीलम चौधरी, लक्ष्मी वर्मा, प्रिया पांडेय, रश्मि शुक्ला, दीपांजलि एवं नंदिनी गडिया का विशेष योगदान रहा. शिक्षिकाओं ने अपनी-अपनी कक्षाओं के विद्यार्थियों को दान के लिए प्रेरित किया तथा सामग्री एकत्रित करने, उसे व्यवस्थित करने और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई. शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन से बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया. इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि छोटी-छोटी मानवीय पहल भी किसी जरूरतमंद बच्चे के जीवन में उम्मीद और खुशियों की नई रोशनी ला सकती है।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


