योग दिवस पर फिटनेस और स्वास्थ्य का संदेश – राजकुमार श्रीवास्तव

बस्ती स्थित सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर राजकुमार श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश के सभी नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है. जो व्यक्ति के शरीर और मन को संतुलित करती है. आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जहां तनाव, चिंता और बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं वहां योग एक प्रभावी और प्राकृतिक समाधान के रूप में सामने आया है.

योग दिवस पर योग के लाभ, मानवता की कल्याण का मार्ग

राजा बाजार नियर सेंट्रल बैंक के पास स्थित सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा में योग का सर्वोच्च स्थान रहा है. हजारों वर्षों से हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश दिया है. आज पूरी दुनिया भारत की इस धरोहर को अपना रही है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद योग का महत्व और भी बढ़ गया है. योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

प्रधानाचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जब नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी समाज मजबूत होगा और देश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ेगा. इसलिए योग को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है. वर्तमान समय में विद्यार्थी पढ़ाई के दबाव के कारण मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं. ऐसे में योग और ध्यान उनके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं. योग के माध्यम से एकाग्रता बढ़ती है, स्मरण शक्ति मजबूत होती है और अध्ययन में बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं.

प्रतिदिन 30 मिनट योगाभ्यास के लिए आवश्यक

बस्ती में खैरी घाट स्थित सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल का दूसरा ब्रांच जो कई सालों से छात्रों के भविष्य का मार्गदर्शन कर रहा है वहां कि प्रधानाचार्या मोहिता श्रीवास्तव ने सभी युवाओं से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में 30 मिनट योग के लिए अवश्य निकालना चाहिए. नियमित योगा करने से शरीर स्वस्थ होने के साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है. योग बीमारियों को दूर रखने में सहायक होने के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है. हमारे भारत में योग दिवस के दिन सभी नागरिक योग करते हैं जो इस बात का प्रमाण है कि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और योग के महत्व को समझ रहे हैं. आने वाले समय में और अधिक लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे. योग किसी धर्म, जाति या वर्ग विशेष से जुड़ा नहीं है.

यह मानवता के कल्याण का मार्ग है और सभी लोगों के लिए समान रूप से उपयोगी है. प्रधानाचार्या मोहिता श्रीवास्तव ने कहा कि योग हमें अनुशासन, संयम और सकारात्मकता का पाठ पढ़ाता है, जिससे जीवन में सफलता प्राप्त करना आसान हो जाता है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें योग को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना है बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाते हुए स्वस्थ, खुशहाल और समृद्ध जीवन की ओर कदम बढ़ाना चाहिए. योग के माध्यम से हम न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि एक मजबूत और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं योग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे, ताकि हर एक व्यक्ति स्वस्थ और जागरूक समाज के रूप में अपनी पहचान बना सके।

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