बस्ती स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, बस्ती में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल प्रशासन के समन्वित एवं त्वरित प्रयास से एक 35 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार महिला को समय रहते जीवनरक्षक उपचार उपलब्ध कराया गया. महिला को अचेत अवस्था तथा गंभीर श्वसन विफलता रेस्पिरेटरी फेल्योर की स्थिति में अस्पताल लाया गया था. उसकी हालत अत्यंत नाजुक होने के कारण चिकित्सकों ने बिना समय गंवाए उपचार शुरू कर दिया और पूरी रात विभिन्न विभागों की टीमों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मरीज की जान बचाने का प्रयास किया.
मौत से जूझ रही महिला के लिए पूरी रात जुटी मेडिकल टीम
अस्पताल पहुंचते ही मरीज की स्थिति का तत्काल आकलन किया गया. एमआईसीयू प्रभारी डॉ. पंकज सिंह ने गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल मरीज को इंट्यूबेट किया तथा वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. मरीज को मेडिकल आईसीयू में भर्ती कर उसकी लगातार निगरानी की गई. चिकित्सकों की टीम ने हर पल मरीज के स्वास्थ्य मानकों पर नजर रखते हुए आवश्यक उपचार जारी रखा. जांच में यह पाया गया कि मरीज आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर परिवार से संबंधित है. ऐसे में संस्थान ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आर्थिक अभाव को उपचार में बाधा नहीं बनने दिया. मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बी. एल. कन्नौजिया के मार्गदर्शन तथा उप-प्रधानाचार्य डॉ. अनिल यादव के सहयोग से मरीज की सभी आवश्यक चिकित्सीय जांचें निःशुल्क कराई गईं.

अस्पताल ने यह सुनिश्चित करा कि उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो और मरीज को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. मरीज की स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए उसका एचआरसीटी चेस्ट किया गया. जांच की रिपोर्ट में बाएं फेफड़े के एक हिस्से में गंभीर कोलैप्स की पुष्टि हुई, जिससे मरीज की सांस लेने की क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था. रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सकों ने तत्काल पल्मोनोलॉजी विभाग से विशेषज्ञ परामर्श लिया और मरीज की जान बचाने के लिए आपातकालीन ब्रोंकोस्कोपी करने का निर्णय लिया. रात्रि में वेंटिलेटर पर मौजूद मरीज की ब्रोंकोस्कोपी करना चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है.

गंभीर मरीज को मिला जीवन का दूसरा मौका
वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गौतम के नेतृत्व में सहायक आचार्य डॉ. राजन शुक्ला ने पूरी सावधानी के साथ सफलतापूर्वक ब्रोंकोस्कोपी की. इसके दौरान मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया. ब्रोंकोस्कोपी के समय मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. बी. एल. कन्नौजिया, एमआईसीयू प्रभारी डॉ. पंकज सिंह, एमआईसीयू नर्सिंग प्रभारी अभय, मेडिसिन विभाग, आईसीयू की चिकित्सकीय टीम तथा नर्सिंग स्टाफ पूरी तत्परता के साथ मौजूद रहे. विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो सकी.

चिकित्सकों का बताया कि गंभीर मरीजों के उपचार में समय पर लिया गया निर्णय और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इस मामले में भी मेडिकल कॉलेज के सभी संबंधित विभागों ने एक टीम के रूप में कार्य करते हुए मरीज को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया. यह घटना दर्शाती है कि जटिल से जटिल परिस्थितियों में भी मरीज को जीवन की नई उम्मीद दी जा सकती है. मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि हमारे संस्थान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक मरीज को समय पर मानवीय उपचार उपलब्ध कराना है. आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए भी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास किया जाता है ताकि किसी भी व्यक्ति को आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न होना पड़े।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


