डॉक्टर सिर्फ इलाज नहीं, जिंदगी की उम्मीद भी देते हैं डॉ. शशि कुमार

हर वर्ष 1 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है. यह दिन उन सभी डॉक्टरों को सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए है जो अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से लाखों लोगों के जीवन की रक्षा करने का प्रयास करते हैं. इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. शशि कुमार ने डॉक्टर दिवस के के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं है बल्कि मानवता की सेवा करने का माध्यम हैं. समाज के लिए डॉक्टरों का योगदान अतुलनीय है और उनके त्याग व समर्पण को शब्दों में व्यक्त कर पाना संभव नहीं है.

Breaking news : राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस पर डॉ. शशि कुमार का बड़ा संदेश

डॉ. शशि कुमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहूघाट बस्ती में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत है. डॉ. शशि कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि जब भी कोई व्यक्ति बीमारी से, दुर्घटना से या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से तड़पता है तब उसे सबसे पहले डॉक्टर पर ही भरोसा होता है. एक डॉक्टर अपने अनुभव, ज्ञान और सेवा भावना के माध्यम से मरीज को न केवल उचित उपचार प्रदान करता हैं बल्कि उसे मानसिक रूप से मजबूत भी बनाता हैं. कई बार मरीज के लिए डॉक्टर की एक सकारात्मक बात ही उस मरीज के लिए नई उम्मीद और जीवन जीने का कारण बन जाती है इसलिए डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप भी कहा जाता है‌. उन्होंने आगे बताया कि डॉक्टरों का जीवन बेहद चुनौतीपूर्ण होता है.

आम लोगों की तरह उनके काम के निश्चित घंटे नहीं होते हैं. उन्हें दिन हो या रात हो, त्योहार हो या अवकाश हो, आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए तैयार रहते हैं. अनेक बार उन्हें अपने परिवार और निजी जीवन का समझौता करना पड़ता है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल पाए. यही सेवा भावना डॉक्टरों को समाज में विशेष स्थान दिलाती है. कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए डॉ. शशि कुमार ने कहा कि वह कोरोना काल का समय पूरी दुनिया के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं था. जब लोग अपने घरों में सुरक्षित रहने का प्रयास कर रहे थे तब डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी अस्पतालों में लगातार मरीजों की सेवा कर रहे थे.

डॉक्टर पेशा नहीं, मानवता की सबसे बड़ी सेवा हैं: डॉ. शशि कुमार

कोविड संक्रमण का खतरा होने के बावजूद डॉक्टरों ने अपने कर्तव्य से पीछे हटने के बजाय लाखों लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात मेहनत करी. कई डॉक्टर स्वयं संक्रमित होकर अपने प्राणों की आहुति भी दे दी. उनका यह त्याग सदैव देश और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा. डॉ. शशि कुमार ने आगे कहा कि राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है बल्कि यह दिवस उन सभी डॉक्टरों के लिए सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने अपने जीवन को मानव सेवा के लिए समर्पित किया है. डॉक्टर हर उम्र, वर्ग और परिस्थिति के लोगों की सेवा करते हैं. डॉक्टर का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं होता है बल्कि लोगों को स्वस्थ और बेहतर जीवन प्रदान करना होता है. आज के समय में चिकित्सा विज्ञान तेजी से विकसित हो रहा है और नई तकनीकों के माध्यम से जटिल बीमारियों का भी इलाज संभव हो पा रहा है.

ऐसे समय में डॉक्टरों को लगातार स्वयं को अपडेट रखना आवश्यक है ताकि मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जा सके. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि डॉक्टरों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है. प्रत्येक डॉक्टर पूरी निष्ठा से मरीज को स्वस्थ करने का प्रयास करता हैं और उनका उद्देश्य केवल जनसेवा होता है. डॉ. शशि कुमार ने आगे यह भी बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण में डॉक्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. डॉक्टर केवल बीमारियों का इलाज ही नहीं करते बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं. उन्होंने अंत में बताते हुए कहा कि डॉक्टर केवल बीमारी का इलाज नहीं करते हैं बल्कि लोगों को नया जीवन, नई उम्मीद और मुस्कान की वजह देते हैं. राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस उन सभी डॉक्टर नायकों के लिए धन्यवाद देने का अवसर है जो हर दिन मानवता की सेवा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहे हैं।

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