बीसीसी ग्रुप के डायरेक्टर गुरु रवि ने सभी राम भक्तों को रामनवमी की ढेरों शुभकामनाएं दी और कहा कि रामनवमी का दिन धार्मिक उत्सव होने के साथ-साथ मर्यादा, आदर्श और सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है. भगवान श्री राम का जीवन संघर्ष से हमें यह भी सीखना है कि हमारे जीवन में कितनी ही कठिनाइयां क्यों ना आ जाए लेकिन हमें अपने भीतर के सत्य और धर्म को कभी मिटने नहीं देना चाहिए. श्री राम का पावन चरित्र मानव जीवन आदर्श का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है.
भगवान राम ने अपने जीवन के हर एक रिश्ते को समर्पण के साथ निभाया.
मीडिया से बातचीत करने के दौरान उन्होंने बताया कि भगवान राम के मर्यादित गुणो के कारण ही उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है उन्होंने अपने जीवन को सदैव सत्य और धर्म के रास्ते पर चलाने का प्रयास किया. भगवान राम ने अपने जीवन में जिस प्रकार एक आदर्श पुत्र, पति, भाई और राजा के रूप में अपना जीवन व्यतीत किया वह आज हम भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा स्तंभ के रूप में हमारे सामने खड़ा है. आज की शिक्षा केवल किताबों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि उन किताबों को पढ़कर हमें अपना चरित्र निर्माण भी करना चाहिए क्योंकि व्यक्ति का ज्ञान संस्कार के बिना अधूरा माना जाता है . भगवान राम ने अपने जीवन के हर एक रिश्ते को पूरे धर्म, निष्ठा, त्याग, समर्पण के साथ निभाया. उन्होंने एक पुत्र के रूप में अपने माता-पिता और गुरु जनों की आज्ञा का पालन किया.

माता कैकई के वचनों के अनुसार उन्होंने अपना राज सिंहासन त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार कर लिया. अपनी पत्नी सीता की रक्षा के लिए भगवान राम ने रावण जैसे महा शक्तिशाली राक्षस का वध करके धर्म की स्थापना की और यह संदेश दिया कि विजय हमेशा सत्य की ही होती है. भगवान राम ने एक राजा के रूप में प्रजा के हितों की रक्षा करके एक आदर्श समाज की स्थापना की. रामनवमी का पावन दिन केवल त्योहार मनाने का ही दिन नहीं है अपितु आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन करने का दिन है. इस पावन रामनवमी के शुभ अवसर पर हमें अपने जीवन और समाज व राष्ट्र की उन्नति के लिए कुछ संकल्प जरूर लेने चाहिए जैसे हमारा पहला संकल्प होना चाहिए कि हम अपने जीवन में सदैव सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते रहेंगे.
भगवान राम का चिंतन हमें अनुशासन और आत्म संयम की दिशा में ले जाता है.
हमारा दूसरा संकल्प यह होना चाहिए कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति सदैव निष्ठावान रहेंगे. हमारे जीवन में कितनी ही कठिनाइयों क्यों ना आ जाए लेकिन हम सच्चाई के मार्ग से कभी भी नहीं भटकेंगे. एक अखंड राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक होने के कारण हमें अपने समाज व राष्ट्र के विकास का संकल्प लेना चाहिए. हमें अपने हर एक काम को पूरे लगन और ईमानदारी से करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी हमसे कुछ प्रेरणा ले सके. आज के आधुनिक युग में राष्ट्र और समाज का विभाजन लगातार बढ़ता ही जा रहा है इस विभाजन और मतभेद को रोकने के लिए हम भारतीय युवाओं को आगे आना होगा और वासुधैव कुटुंबकम के विचारों के अनुसार प्रेम, भाईचारा, एकता, अखंडता और शांति की स्थापना करनी होगी.

भगवान राम का चिंतन हमें अनुशासन और आत्म संयम की दिशा में ले जाता है और यह भी सीखना है कि हमें अपने समय का सही उपयोग करना चाहिए और बुरी आदतों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि हमें अपने जीवन में सफलता आसानी से मिल जाए. आज के दिन हमें इस बात का भी संकल्प लेना चाहिए कि एक आदर्श नागरिक बनकर हम अपने समाज में अच्छाई को बढ़ावा देंगे और गरीब व जरूरतमंद लोगों की सहायता करेंगे. यदि आज रामनवमी के दिन हमने भगवान राम के चरित्र अपने जीवन चरित्र में स्थान दे दिया तो आज की रामनवमी ‘वास्तविक और प्रेरणा युक्त रामनवमी’ होगी. भगवान राम का जीवन आदर्श आज भी मानव समाज को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है और आदर्श इंसान बनने की दिशा दिखाता है।


