11 जुलाई (विश्व जनसंख्या दिवस) के अवसर पर वीरांगना तलाश कुंवरि जिला महिला अस्पताल परिसर में रोटरी क्लब बस्ती सेन्ट्रल के तत्वावधान में एक जागरूकता संगोष्ठी एवं जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम का आयोजन कराया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अनिल कुमार ने की, जबकि इसका संयोजन वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आशुतोष शर्मा ने किया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन जैसे गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को बढ़ती जनसंख्या के दुष्प्रभावों, परिवार नियोजन के महत्व तथा सरकार द्वारा संचालित जनसंख्या नियंत्रण संबंधी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था.
जनसंख्या नियंत्रण से देश का भविष्य सुरक्षित
मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ. इसके बाद डॉ. आशुतोष शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए विश्व जनसंख्या दिवस पर बताते हुए कहा कि जनसंख्या नियंत्रण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभानी होगी. परिवार नियोजन के प्रति सकारात्मक सोच अपनाएं और समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करें. इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लगातार बढ़ती जनसंख्या भविष्य में कई गंभीर चुनौतियां लेकर आ सकती हैं. विशेष रूप से जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है. यदि आज से ही जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पेयजल सहित अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भारी कमी का सामना करना पड़ेगा.

जल संरक्षण और जनसंख्या नियंत्रण दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं. यदि जनसंख्या सीमित होगी तो संसाधनों का संतुलित उपयोग संभव हो सकेगा. डॉ सुधांशु द्विवेदी ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं और दंपतियों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं जिनका लाभ उठाकर स्वस्थ और खुशहाल परिवार की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है. उन्होंने परिवार नियोजन संबंधी सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जागरूक नागरिक ही स्वस्थ समाज की नींव रखते हैं. बढ़ती जनसंख्या के लिए केवल सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। प्रत्येक परिवार और प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह छोटे परिवार के महत्व को समझे तथा समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करे। उन्होंने लोगों से पानी की बर्बादी रोकने, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित जनसंख्या के प्रति गंभीर होने का आह्वान किया.

सरकारों की नहीं बल्कि हर नागरिक की है जिम्मेदारी
रोटरी क्लब बस्ती सेन्ट्रल के चार्टर सचिव (एजी) ने अपने विश्व जनसंख्या दिवस के के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1989 में जब विश्व की जनसंख्या पांच अरब के आंकड़े को पार कर गई थी तब संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने जनसंख्या वृद्धि की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. आज के समय में जनसंख्या विस्फोट केवल किसी एक देश की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की चुनौती बन चुका है और इसे नियंत्रित करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. कार्यक्रम के दौरान रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार को रोटरी की वर्तमान थीम पर आधारित स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर उनको सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम में डॉ. पी.एल. गुप्ता, रोटरी क्लब बस्ती सेन्ट्रल के अध्यक्ष राजेश कुमार ओझा, सचिव मुनिरुद्दीन अहमद, उपाध्यक्ष त्रिपुरारी शंकर श्रीवास्तव, नरेश कुमार सडाना, डॉ. संतोष, डॉ. ममता, डॉ. सीमा चौधरी, डॉ. अनीता, बबिता मिश्रा, चंद्रकली, अभिषेक, रितेश तथा अन्य चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं नागरिक उपस्थित रहे. अपने समापन संबोधन में डॉ. अनिल कुमार ने रोटरी क्लब बस्ती सेन्ट्रल के इस सामाजिक प्रयास की सराहना करते हुए सभी अतिथियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा ऊभविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


