बस्ती जिले के मालवीय रोड पर स्थित नवयुग मेडिकल सेंटर में डॉक्टरों की टीम ने एक अत्यंत जटिल न्यूरो सर्जरी करके एक बालक की जान बचाकर चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश करके दिखाइ है. डॉक्टरों के इस सफल ऑपरेशन के बाद बालक अब पूरी तरह से स्वस्थ है और चिकित्सकों ने उस बालक को अस्पताल से छुट्टी भी दिया है. बालक के परिजनों ने इस सफल सर्जरी के लिए पूरी डॉक्टर की टीम को आभार व्यक्त किया.
न्यूरो सर्जरी की सफलता से बालक को मिला नया जीवन
मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि बालक के सर में गंभीर चोट लगने की वजह से मस्तिष्क में खून जम गया था. अगर समय रहते ठीक इलाज ना होता तो बहुत बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता था लेकिन नवयुग मेडिकल सेंटर के विशेषज्ञ टीम ने तत्परता दिखाते हुए, अपने अनुभव और टीम वर्क का परिचय देते हुए इस ऑपरेशन को सफल बनाया. इस मेडिकल सेंटर के सर्जन डा. अभिजात ने जानकारी देते हुए बताया कि बालक अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और यह ऑपरेशन काफी क्रिटिकल था और हमारे क्षेत्र वासी नवयुग मेडिकल सेंटर की इस उपलब्धि सराहना कर रहे हैं. बालक की स्थिति बहुत ही गंभीर थी लेकिन हमारे चिकित्सकों ने सतर्कता और सही समय पर सही इलाज करके जान बचाने की कोशिश की गई.

न्यूरो सर्जन डॉ. आदित्यधर द्विवेदी ने बताया कि ये बालक छत से गिर गया था जिसके कारण उसके सिर पर गंभीर चोट लग गई और दिमाग में खून जम गया. इस प्रकार के मामलों में हर एक मिनट कीमती होता है. यदि पीड़ित मरीज को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया जाता तो अस्पताल पहुंचाने और भर्ती होने तक गोल्डन समय समाप्त हो जाता जिससे स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी. डॉ. द्विवेदी ने कहा कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द न्यूरो सर्जरी की आवश्यकता होती है. हमने टीम के बिना समय गवाएं आवश्यक जांच करके ऑपरेशन करने का निर्णय लिया इसके बाद सभी चिकित्सकों ने शांति का परिचय देते हुए इस सर्जरी को सफल बनाया और बच्चे को एक नया जीवन दिया.

नवयुग मेडिकल सेंटर बना अंतिम उम्मीद की किरण
शहर के धर्मशाला रोड निवासी सुनील पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा घर की छत पर क्रिकेट खेल रहा था इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से घर के आंगन में गिर गया. गिरने की वजह से उसकी सिर में गंभीर चोट लग गई और परिवार के सारे लोग इस घटना से घबरा गए. इस घटना के बाद तुरंत उस बालक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां पर उस बालक की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई. परिवार के लोगों ने अच्छे इलाज के लिए लखनऊ के अस्पतालों तक संपर्क बनाएं लेकिन न्यूरो सर्जरी का खर्चा लगभग 8 से 10 लख रुपए बताया गया. इसके साथ ही उस मरीज को तत्काल भर्ती कराया गया.

इस घटना से पूरा परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो गया. इसी बीच परिवार के सदस्यों ने डॉ. दिव्यजात कुमार से संपर्क किया. इसके बाद बच्चे की गंभीर स्थिति का परीक्षण करके तत्काल सर्जरी करने की सलाह दी गई. इसके बाद मेडिकल सेंटर के डायरेक्टर डा. अभिजात कुमार, न्यूरो सर्जन डा. आदित्यधर द्विवेदी, डा. सर्वेश, डा. दिव्यजात कुमार तथा आशुतोष श्रीवास्तव की टीम ने ऑपरेशन करना शुरू किया. यह सर्जरी पूरी तरह से सफल रही और बच्चे की हालत में तेजी से सुधार होने लगा. कुछ दिनों तक उस बच्चे की गहन निगरानी रखने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अब वह बालक पूरी तरह से स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन में लौट चुका है. सभी डॉक्टरों ने उस बच्चे की उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी है.


