अर्चना हॉस्पिटल में बच्चों के हर्निया का आधुनिक उपचार शुरू – डॉ. अमित नायक

बच्चों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बस्ती पचपेडिया रोड स्थित अर्चना हॉस्पिटल लगातार नई पहल कर रहा है. अर्चना हॉस्पिटल में जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अमित नायक अपनी विशेष सेवाएं प्रदान कर रहे हैं. डॉ. अमित नायक के नेतृत्व में बच्चों में होने वाले सभी प्रकार के हर्निया एवं हाइड्रोसील का आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. इस सुविधा के शुरू होने से बस्ती क्षेत्र के बच्चों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं लेना पड़ेगा.

डॉ. अमित नायक के नेतृत्व में स्थानीय स्तर पर आधुनिक सर्जरी की सुविधा

डॉ. अमित नायक ने मिडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आज के समय में बच्चों में हर्निया और हाइड्रोसील काफी सामान्य समस्याएं हैं, लेकिन समय पर उपचार न मिलने पर ये गंभीर रूप ले सकती हैं. हर्निया वह स्थिति हैं जब पेट के अंदर का कोई हिस्सा या आंत का भाग पेट की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण बाहर की ओर उभर आता है. वहीं हाइड्रोसील में अंडकोष के आसपास पानी भर जाता है, जिससे सूजन दिखाई देती है. यह समस्या नवजात शिशुओं से लेकर छोटे बच्चों तक में देखी जा सकती है. उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि कई अभिभावक इन समस्याओं को सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि इन समस्याओं में समय रहते अपने पास के चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक होता है.

यदि हर्निया का समय पर उपचार न किया जाए तो आंत फंस सकती है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और यह स्थिति आपातकालीन सर्जरी की मांग कर सकती है. इसलिए किसी भी प्रकार की असामान्य सूजन या गांठ दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए. डॉ. अमित नायक ने कहा कि बच्चों में हर्निया के प्रमुख लक्षणों में रोने, खांसने व जोर लगाने पर कमर या जांघ के पास सूजन का उभर आना, दर्द या बेचैनी ये सभी शामिल हैं. वहीं दूसरी ओर हाइड्रोसील में अंडकोष के आसपास बिना दर्द की सूजन दिखाई देती है. कई मामलों में यह सूजन आकार में बढ़ भी सकता है. सही समय पर जांच से बीमारी की पहचान आसानी से हो जाती है और उपचार भी सरल हो जाता है.

सर्जरी के लिए अर्चना हॉस्पिटल बना भरोसेमंद केंद्र

अर्चना हॉस्पिटल में जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अमित नायक ने बताया कि अर्चना हॉस्पिटल में प्रत्येक बच्चे की पूरी चिकित्सकीय जांच होती है. आवश्यकता पड़ने पर अल्ट्रासाउंड व अन्य आवश्यक जांच कराई जाती हैं. बच्चे की उम्र और बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उपचार की योजना बनाई जाती है. जिन मामलों में सर्जरी बेहद आवश्यक होती है, वहां आधुनिक और सुरक्षित तकनीकों का उपयोग किया जाता है. बच्चों में हर्निया का स्थायी इलाज सर्जरी ही है. सही समय पर ऑपरेशन कराने से भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है. दूसरी तरफ हाइड्रोसील के कुछ मामलों में चिकित्सकीय निगरानी रखी जाती है लेकिन यदि समस्या लंबे समय तक बनी रहे या बढ़ने लगे तो सर्जरी सबसे प्रभावी उपचार होती है.

अर्चना हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि उनका हमारे हॉस्पिटल का उद्देश्य बस्ती क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है. इसी सोच के तहत विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं अस्पताल में शुरू की गई हैं. डॉ. अमित नायक के जुड़ने से जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के साथ-साथ बच्चों की सर्जिकल समस्याओं के उपचार की सुविधा भी और अधिक मजबूत हुई है. डॉ. अमित नायक ने क्षेत्रीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि बच्चों के पेट, कमर, जांघ या अंडकोष के आसपास किसी भी प्रकार की असामान्य सूजन दिखाई दे तो इसे छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज न करें. समय रहते अपने पास के विशेषज्ञ से परामर्श लें और उचित उपचार कराकर भविष्य की गंभीर जटिलताओं से आसानी से बचें. उन्होंने आगे यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की घरेलू सलाह या बिना चिकित्सकीय परामर्श के उपचार पर निर्भर रहने के बजाय योग्य सर्जन से जांच कराना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top