(ABVP) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की गतिविधि विकासार्थ विद्यार्थी के अंतर्गत संचालित कुबानो बचाओ अभियान के तीसरे दिवस पर दिन रविवार को अमहट घाट पर स्वच्छता, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ. इस महा अभियान में लगभग 200 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लेते हुए घाट की साफ सफाई की और अपना श्रमदान करते हुए नदी को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया.
स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का अपना कर्तव्य है
मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में सभी युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और सेवा भावना ने पूरे कार्यक्रम स्थल को प्रेरणादायी बना दिया. अमहट घाट पर सुबह ही विद्यार्थियों , स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई. परिषद के सभी कार्यकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों को अलग-अलग समूह में बांटकर घाट परिसर में फैली हुई गंदगी, प्लास्टिक कचरे और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का कार्य किया. वहां पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं ने अपने हाथों में झाड़ू, फावड़ा और अन्य सफाई उपकरण लेकर पूरे घाट को स्वच्छ बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई. स्वच्छता अभियान के इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स तथा स्काउट गाइड के अनुशासित स्वयंसेवियों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई. उनकी सहभागिता ने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रभावशाली बना दिया.

सभी छात्रों ने एकजुट होकर श्रमदान किया और यह संदेश दिया कि यदि युवा शक्ति कुछ ठान लें तो समाज में एक बहुत ही बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है. इस कार्यक्रम में बस्ती नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा तथा नगर पालिका ईओ अंगद गुप्ता ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए श्रमदान करके स्वच्छता अभियान को मजबूती प्रदान की. उन्होंने घाट की सफाई में भाग लेते हुए युवाओं की प्रशंसा की और कहा कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि हर एक नागरिक का अपना खुद का कर्तव्य है. जब समाज और प्रशासन दोनों मिलकर कोई काम करते हैं तब सकारात्मक परिणाम हमारे सामने जरूर आता है. इस कार्यक्रम में ए. पी. एन. के प्राचार्य अभय कुमार सिंह, अभय पाल, भूपेंद्र सिंह राणा, भावेश पांडेय तथा अन्य सम्मानित जनों की उपस्थिति ने विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ा दिया. इन सभी अतिथियों ने युवाओं के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि कुवानो नदी केवल जलधारा नहीं है बल्कि बस्ती क्षेत्र के लिए जीवन रेखा है.

नागरिकों का कर्तव्य और एकजूटता से ही परिवर्तन संभव
इस नदी का संरक्षण करना हम सभी नागरिकों का सामूहिक कर्तव्य है. स्वच्छता अभियान के दौरान घाट स्थल पर कुआनो बचाओ, भविष्य बचाओ”, “स्वच्छ नदी, सुरक्षित जीवन” और “युवा जागा, देश जागा” जैसे नारे लगाकर समाज को जागरूक किया. सभी छात्रों ने स्वच्छता अभियान जागरूकता रैली निकालकर आम लोगों को नदी संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया. घाट पर उपस्थित सभी लोगों ने इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान समाज में नयी चेतना का दीपक जलाते हैं. इस कार्यक्रम को सुरक्षित संचालित करने के लिए मेडिकल टीम की भी विशेष रूप से व्यवस्था की गई थी ताकि आपातकालीन सहायता जल्द से जल्द प्राप्त हो सके.

कार्यक्रम में आने वाले सभी प्रतिभागियों को मास्क, दस्ताने और अन्य सुरक्षा संबंधित सामग्रियां उपलब्ध कराई गई. जिससे सफाई कार्यक्रम को सुरक्षित ढंग से संपन्न किया जा सके. विद्यार्थियों का संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जल का संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. यदि हमारी नदियां स्वच्छ रहेगी तभी आने वाले पीढ़ियो को शुद्ध जल प्राप्त हो सकेगा. आगे कहा गया कि स्वयं स्वच्छता अपनाएं और प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें और अपने समाज व परिवार में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा चलाया गया यह स्वच्छता अभियान अब जन आंदोलन का रूप लेता हुआ दिखाई दे रहा है. इस कार्यक्रम में समाज के सभी लोगों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि एकजूटता से ही परिवर्तन संभव होता है. पर्यावरण संरक्षण का यह कार्यक्रम हमें राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित करता है।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


