बस्ती जनपद के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में वरिष्ठ समाजसेवी मनीष मिश्रा लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं. सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय मनीष मिश्रा ने अब तक 100 से अधिक युवाओं को विभिन्न निजी कंपनियों और औद्योगिक संस्थानों में रोजगार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनकी इस सफलता ने न केवल युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि जिले में रोजगार को लेकर एक नई उम्मीद भी जगाई है. अब उन्होंने अगले चरण में लगभग 1,000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है.
चयनित युवाओं को प्रतिमाह 20,000 से 25,000 रुपये तक का वेतन मिलने की संभावना
मनीष मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति युवा ही होते हैं. यदि उन्हें सही समय पर उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिले, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. आज के समय में भी बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं. जानकारी के अभाव और उचित संपर्क न होने के कारण कई योग्य युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता. इस समस्या को देखते हुए उन्होंने विभिन्न राज्यों की प्रतिष्ठित कंपनियों और उद्योगों से संपर्क स्थापित किया है ताकि बस्ती के युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराया जा सके.

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि रोजगार केवल आय का साधन नहीं होता है बल्कि यह व्यक्ति के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी मजबूत करता है. जब कोई युवा अपने पैरों पर खड़ा होता है तो उसके परिवार का जीवन स्तर सुधरता है और समाज में सकारात्मक बदलाव दिखाई देता है. मनीष मिश्रा ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार रोजगार की संभावनाएं बढ़ रही हैं. इसी क्रम में असम और अरुणाचल प्रदेश स्थित कई स्टील एवं औद्योगिक इकाइयों से सकारात्मक बातचीत हुई है. इन संस्थानों में बस्ती के लगभग 1,000 युवाओं को उनकी योग्यता और अनुभव के अनुसार रोजगार दिलाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है. चयनित युवाओं को प्रतिमाह 20,000 से 25,000 रुपये तक का वेतन मिलने की संभावना है जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे.

बस्ती के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
मनीष मिश्रा का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना नहीं है बल्कि युवाओं के भीतर कौशल विकास और कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना भी है. उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवा अगर स्वयं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करें तो उनके लिए रोजगार के अवसरों की कमी नहीं रहेगी. मनीष मिश्रा ने अपने भविष्य के विजन को साझा करते हुए कहा कि उनका सपना बस्ती को विकास और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने बेस से स्पेस तक की सोच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यदि जिले के युवाओं की प्रतिभा को उचित मंच मिले, तो बस्ती राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है.

उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। यदि किसी युवाओं को रोजगार मिलता है तो उसका प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है. जनपद के कई युवाओं ने मनीष मिश्रा की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बस्ती के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. अगर यदि इस अभियान को व्यापक स्तर पर सफलता मिलती है, तो जिले से पलायन में कमी आएगी, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली आएगी।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


