नए सत्र में सुंदरकांड का पाठ, भक्तिमय हुआ विद्यालय – डायरेक्टर अमरमणि पाण्डेय

बस्ती पचपेडिया रोड स्थित देल्ही पब्लिक सीनियर स्कूल में नए सत्र 2026 की शुरुआत के शुभ अवसर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया. यह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के समावेश को प्राथमिकता दे रहा है. इस भव्य कार्यक्रम में पूरा विद्यालय परिसर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में नजर आया. इस कार्यक्रम में सभी अध्यापक व छात्र-छात्राओं ने बढ-चढ़कर हिस्सा लिया और विद्या के मंदिर में सुंदरकांड का पाठ सुना.

विद्या के मंदिर में शिक्षा, संस्कार और भक्ति का संगम

डायरेक्टर अमरमणि पाण्डेय ने न्यूज़ ऑफ नेशन की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि आज के कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत ईश्वर की पूजा-अर्चना करते हुए किया गया. सबसे पहले भगवान गणेश, मां सरस्वती और भगवान श्री राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित और पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम की शुरुआत किया गया. दीप प्रज्वलित करने के बाद वहां पर उपस्थित विद्वान पंडितों के द्वारा सुंदरकांड के पाठ का प्रारंभ किया गया. विद्यालय में होने वाले सुंदरकांड की मधुर ध्वनि पूरे विद्यालय को भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित कर दिया. इस सुंदरकांड के विशेष प्रसंग की बात करें तो इस पाठ के दौरान सबसे पहले राम भक्त हनुमान जी के वीरता, उनकी राम के प्रति भक्ति और समर्पण के प्रसंगों का वाचन किया गया.

वहां पर उपस्थित सभी लोगों ने अनुशासन में रहते हुए इस विशेष प्रसंग को बहुत ही ध्यान सुना और अपने भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया. विद्यालय परिवार के सभी अध्यापकों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संस्कार, नैतिक मूल्यों और अनुशासन की भावना का विकास होता है. शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं होता बल्कि छात्रों को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से भी जोड़ना बहुत ही आवश्यक है. आज सुंदरकांड पाठ का आयोजन का मुख्य उद्देश्य बस यही है कि सभी बच्चे सकारात्मकता, साहस और आध्यात्मिक शक्ति को अपने जीवन में स्थान दें.

विद्यालय में सुंदरकांड पाठ से सकारात्मक ऊर्जा का संचार

प्रधानाचार्या अर्चना पाण्डेय ने इस कार्यक्रम के शुभ अवसर पर अपना विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि 2026 का नया सत्र छात्रों के लिए नई ऊर्जा और नई अवसर लेकर आया है. विद्यालय में होने वाला यह धार्मिक आयोजन छात्रों में शारीरिक एवं मानसिक विकास में सहायक सिद्ध होगा. इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सभी अध्यापकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया. विद्यार्थियों के माता-पिता ने विद्यालय में होने वाले सुंदरकांड पाठ की सराहना करते हुए कहा कि विद्या के मंदिर में इस प्रकार के आयोजन कराना एक सराहनीय कदम है. इस प्रकार के आयोजन से सभी बच्चों में अपने सत्य सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भारतीय संस्कृति और भारतीय परंपराओं का भी सम्मान बढ़ेगा.

सुंदरकांड पाठ का आयोजन ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को सकारात्मकता से भर दिया और विद्यालय परिवार को भी एकजुट करते हुए सभी लोगों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया. वहां पर उपस्थित सभी अध्यापकों ने भगवान श्री राम और हनुमान जी से सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की प्रार्थना की. सुंदरकांड पाठ के विश्राम होने के बाद वहां पर उपस्थित सभी लोगों को अमृत रूपी प्रसाद का वितरण किया गया और यह कार्यक्रम अत्यंत शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. विद्यालय में सुंदरकांड का यह आयोजन सभी विद्यार्थियों में नई प्रेरणा और आनंद और उत्साह का संचार करेगा

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top