अंजुमन इस्लामिया गांधीनगर बस्ती के जर्नल सिक्रेटरी और जमाते इस्लामी के प्रवक्ता बस्ती के अबरारूल हक ने कहा रमजान का महीना आज बीत चुका है और अब पूरी दुनिया ने ईद का चांद भी देख लिया है. इसलिए आज ईद का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाने का समय आ गया है. भारत देश की बात करें तो यहां पर रमजान का महीना पवित्र विचार, दया भाव और अनुशासन के साथ मनाया जाता है.
इबादत और रहमत का दौर जारी
जमाते इस्लामी प्रवक्ता बस्ती के अबरारूल हक ने मीडिया को बताया रमजान का महीना इस्लाम मजहब के लिए पाक महीना माना जाता है क्योंकि इसी महीने में लोग लगभग 1 महीने तक रोजा रखते हैं और अल्लाह से परिवार, समाज और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं. रमजान महीने की शुरुआत चांद को देखने से होती है. रमजान के पूरे महीने में सभी मुस्लिम भाई-बहन सुबह सेहरी करते हैं और पूरा दिन रोजा रखने के बाद शाम को इफ्तार करते हैं. भारत को विविधताओं का देश माना जाता है, विविधता ही भारत की पहचान मानी जाती है. परंतु इस विविधता पूर्ण राष्ट्र में रमजान केवल मजहबी पर्व नहीं बल्कि प्रेम, भाईचारे, एकता का प्रतीक है.

भारत के विभिन्न क्षेत्रों जैसे लखनऊ, दिल्ली, गोरखपुर, हैदराबाद, महाराष्ट्र जैसे स्थानों पर रमजान के रौनक देखने को मिलती है. घर, मोहल्ला, सड़क, गली आकर्षक लाइटों से जगमगाते हैं. रमजान के कारण सभी बाजारों में भीड़ लगी रहती है, लोग नए-नए कपड़े और आवश्यक सामान खरीदते हैं. रोजाना विशेष प्रकार के व्यंजन भी बनाए जाते हैं और इफ्तार के समय खाया जाता है. दिन भर खाने पीने की चीजों से दूर रहने के बाद जब शाम को रोजा खोलने का समय होता है. तब सबसे पहले खजूर और पानी का सेवन किया जाता है. माना जाता है कि खजूर खाने से हमारा शारीरिक स्वास्थ्य संतुलित हो जाता है. शारीरिक ऊर्जा और क्षमता में वृद्धि होने लगती है.
इंसानियत और सब्र का महीना
अबरारूल हक ने आगे बताया रमजान का पूरा महीना बीतने के बाद ईद मनाने का पाक समय आता है. ईद मनाने से पहले सभी लोग एक दिन पहले शाम को चांद का इंतजार करते हैं. जब चांद निकल जाता है तब उसके दूसरे दिन लोग ईद मनाते हैं. इस दिन लोग सुबह उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र से पहनकर एक दूसरे को ईद के मुबारकबाद देते हैं और एक दूसरे का मुंह मीठा कराते हैं. ईद से पहले गरीब मुस्लिम परिवारों को आर्थिक रूप से मदद भी की जाती है ताकि गरीब परिवार भी ईद का त्यौहार मना सके. रमजान और ईद के शुभ अवसर पर भारत के सभी मुसलमान को इस बात पर विचार करना होगा और संकल्प लेना होगा कि हम सभी लोग भारत की एकता और अखंडता को शक्ति देंगे.

भारत को विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत बनाने का पूरा प्रयास करेंगे. ईद के त्यौहार में हम सभी लोग स्वदेशी वस्तुएं ही खरीदेंगे. गरीब और जरूरतमंद लोगों की हर प्रकार से सहायता करेंगे. हमें संकल्प लेना होगा कि अपने आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई करके वातावरण को शुद्ध बनाएंगे और जरूर से जरूर एक वृक्ष लगाएंगे तभी ईद का त्यौहार वास्तविक रूप से अमन और शांति के रूप में दिखाई देगा. रमजान का पाक महीना हमें यह सिखाता है कि जीवन में अमन, शांति से बड़ा और कुछ भी नहीं है. इसलिए हमें सबके साथ प्रेम और भाईचारे का संबंध रखना चाहिए. मैं अबरारूल हक भारत के साथ विश्व के सभी इस्लाम मजहब के लोगों को अमन, शांति का पाक पर्व ईद की मुबारकबाद देता हूं.


