गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की डिप्टी मैनेजर प्रिंसी पाल ने नारी सशक्तिकरण को लेकर एक प्रेरणादायक संबोधन दिया है. जिन्होंने अपने वक्तव्य में देश की बेटियों तथा महिलाओं से अपने अधिकारों को पहचान आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आवाहन किया है. यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में आयोजित विशेष जागरूकता पल का हिस्सा रहा. जिसमें बैंक कर्मी, महिलाएं, छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे.
गणतंत्र दिवस पर महिलाओं के अधिकार का संदेश
प्रिंसी पाल ने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं दी है. उन्होंने कहा कि 26 जनवरी केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है अपितु यह दिन हमें हमारे संविधान समान, अधिकारों तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की याद भी दिलाता है. भारतीय संविधान ने महिलाओं तथा पुरुषों को समान अधिकार दिया है. लेकिन वास्तविक सशक्तिकरण तब संभव है. जब महिलाएं इन अधिकारों के प्रति जागरूक हो तथा उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करें. प्रिंसी पाल ने कहा नारी सशक्तिकरण का अर्थ केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं अपितु आत्म विश्वास है. निर्णय लेने की क्षमता तथा आत्म सम्मान भी इसका अहम हिस्सा है.

जब एक बेटी शिक्षित तथा आत्मनिर्भर बनती है. तब वह केवल अपने परिवार ही नहीं अपितु पूरे समाज तथा राष्ट्र को सशक्त बनाती है. उन्होंने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा है कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है. चाहे वह शिक्षा हो, खेल हो, विज्ञान हो, प्रशासन या बैंकिंग जैसे पेशेवर क्षेत्र हो। उन्होंने कहा कि समाज की सोच बदल रही है तब जब बेटियां अब कंधे से कंधा मिलाकर देश के विकास में योगदान दे रही है. आवश्यकता इस बात की है कि बेटियों को समान अवसर सहयोग तथा विश्वास दिया जाए.
आत्मनिर्भर भारत पर जोर
मीडिया से बातचीत करने के दौरान प्रिंसी पाल ने बताया कि बैंकिंग जैसे जिम्मेदार क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने यह महसूस किया है कि जब महिलाओ को वित्तीय साक्षरता तथा अवसर मिलते हैं. तब वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में भूमिका निभाती है. उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसी संस्थाएं महिलाओं को स्वरोजगार, बचत तथा आत्म निर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का कार्य कर रहा हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को सामान्य रूप से शिक्षा तथा वित्तीय जानकारी से जोड़ना आज की आवश्यकता है. महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजना तक सीमित नहीं होना चाहिए अपितु समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी पड़ेगी.

प्रिंसी पाल ने माता-पिता से अपील करते हुए कहा है कि वह बेटा बेटी में भेदभाव ना करें तथा बेटियों की शिक्षा, सपना तथा करियर को पूरा समर्थन दें. उन्होंने आगे कहा कि जब एक बेटी को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है तब वह पूरे परिवार की सोच तथा दिशा परिवर्तित कर देती है. अपने संबोधन के अंत में बताया कि गणतंत्र दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करें जहां हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित तथा आत्मनिर्भर हो. उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि वह नारी सम्मान, समानता तथा अधिकारों के लिए सदैव आवाज़ उठाएं.


