राष्ट्र निर्माण में व्यापारीगण की अहम भूमिका – रतन पटवा

आज देश में 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्ती जिले के दक्षिण दरवाजा क्षेत्र में स्थित रतन जनरल स्टोर के ओनर और वरिष्ठ व्यापारी रतन पटवा ने जिले के समस्त व्यापारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्र निर्माण में व्यापारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा है कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं अपितु यह हमारे अधिकारों कर्तव्य तथा जिम्मेदारियां की याद दिलाने का एक महत्वपूर्ण दिन है.

गणतंत्र दिवस पर व्यापारियों को संदेश

रतन पटवा ने अपने संबोधन में बताया है कि भारत का संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता तथा न्याय का अधिकार देता है. लेकिन इसके साथ-साथ हमें अपने कर्तव्य का भी इमानदारी से निर्वहन करना अति आवश्यक है. व्यापारी वर्ग समाज की रीड की हड्डी है. जो न केवल आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करता है अपितु सामाजिक संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है. आज के समय में जब देश तेजी से विकास की तरफ बढ़ रहा है तब व्यापारियों को भी अपने कार्य में पारदर्शिता, ईमानदारी तथा अनुशासन को प्राथमिकता देना चाहिए. एक सच्चा व्यापारी वही होता है जो मुनाफे के साथ-साथ समाज के हित को भी ध्यान में रखें.

रतन पटवा ने स्थानीय व्यापारियों से अपील किया है कि वह ग्राहकों के साथ मधुर व्यवहार करें तथा गुणवत्तापूर्ण सामान उचित मूल्य पर उपलब्ध कराएं. ग्राहक का विश्वास किसी भी व्यापार की सबसे बड़ी पूंजी होती है. यदि हम विश्वास जीत लेते हैं तब हमारा व्यापार स्वत: आगे बढ़ता रहता है. छोटे व्यापारियों की समस्याओं को भी उन्होंने प्रकाश डाला है. आज छोटे दुकानदार बढ़ती महंगाई, ऑनलाइन, व्यापार तथा टैक्स संबंधी जटिलताओं से परेशान है. अब ऐसे में व्यापारियों को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तथा संगठित तरीके से आवाज उठानी चाहिए.

आत्मनिर्भर भारत की कल्पना

रतन पटवा ने युवाओं को भी संदेश दिया है की नई पीढ़ी को व्यापार को केवल कमाई का साधन नहीं अपितु सेवा का माध्यम समझना चाहिए. उन्होंने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत का कल्पना तभी साकार होगा. जब स्थानीय व्यापारिक मजबूत होंगे तथा स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देंगे. गणतंत्र दिवस हमें यह भी सीखता है कि देश की आजादी केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं अपितु आर्थिक, सामाजिक तथा नैतिक स्वतंत्रता भी उतनी ही आवश्यक है. व्यापारी यदि ईमानदारी से टैक्स दे, नियमों का पालन करें तथा समाज के कमजोर वर्ग की मदद करें. तब देश निश्चित रूप से प्रगति करेगा.

रतन पटवा ने अंत में सभी व्यापारियों से अपील भी किया है कि वह राष्ट्रीय एकता तथा भाईचारे को आवश्यक रूप से बनाए रखें. जाति धर्म तथा भाषा से ऊपर उठकर देश हित में कार्य करें. हम सब पहले भारतीय हैं तथा बाद में कुछ और! हमारा व्यापार तभी फले-फूलेगा. जब देश सुरक्षित, मजबूत तथा एकजुट होगा. समापन पर उन्होंने सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दी. इस गणतंत्र दिवस पर हम सब यह संकल्प ले कि हम ईमानदारी से व्यापार करेंगे, ग्राहक का सम्मान करेंगे तथा भारत को एक सशक्त,, आत्मनिर्भर तथा विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे.

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