फिनिक्स पब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी पर भव्य आयोजन – डॉ विनायक जायसवाल

आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव तथा आनंद का विषय है. बसंत पंचमी का यह पावन पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आशा का संचार करता है. आज फिनिक्स पब्लिक स्कूल धर्मशाला रोड परिसर और फिनिक्स पब्लिक स्कूल नियर कली रोड दुधारा दोनों केंपसों में मां सरस्वती की विधिवत पूजा, अर्चना, वंदना तथा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ.

बसंत पंचमी के अवसर पर महत्वपूर्ण संदेश

फिनिक्स पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ विनायक जायसवाल ने कहा है कि आज विद्यालय प्रांगण में यह सब कुछ देखकर ह्रदय गर्व से भर उठा. मां सरस्वती ज्ञान, बुद्धि, विवेक, कला तथा संस्कृतिक की अधिष्ठात्री देवी है. उनका श्रेव्त वस्त्र हमें पवित्रता का, वीणा संगीत तथा सृजन का तथा पुस्तक ज्ञान तथा अध्ययन का संदेश देता है. बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं अपितु हमें यह स्मरण कराती है कि अंधकार को यदि कोई शक्ति दूर कर सकती है. वह केवल ज्ञान की शक्ति है. आज जो कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया है. चाहे वह वंदना हो, नृत्य हो, गीत हो, यह नाट्य प्रस्तुति, वह केवल कला का प्रदर्शन नहीं है अपितु आपके भीतर छिपी प्रतिभा, अनुशासन तथा संस्कार का परिचय भी है.

विशेष रूप से हमारे छात्राएं जिस आत्मविश्वास से गरिमा तथा समर्पण के साथ मंच संभाला वह प्रशंसात्मक है यह सिद्ध कर दिया है कि जब शिक्षा तथा संस्कार साथ चलता है तब व्यक्तित्व निखरता है. हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहां चारों और सूचनाओं की भरमार है. लेकिन सही ज्ञान का अभाव भी दिखाई देता है. जानकारी तथा ज्ञान में अंतर है. जानकारी हमें क्या है यह बताती है. लेकिन ज्ञान हमें क्या सही है यह सिखाता है. इसलिए मैं आज आप सभी से कहना चाहता हूं कि केवल अंक प्राप्त करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं है. अपितु ज्ञान के माध्यम से अज्ञान, भय, भेदभाव तथा अंधविश्वास को अंधकार को दूर करना ही सच्ची शिक्षा है.

हम ज्ञान को अपनाएंगे, अज्ञान को त्यागेंगे

डॉ विनायक जायसवाल ने आगे कहा है कि फिनिक्स पब्लिक स्कूल ज्ञान का वह दीपक है जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है. जब आप सीखते हैं तब केवल अपना भविष्य उज्जवल नहीं करते अपितु अपने परिवार समाज तथा राष्ट्र के भविष्य को भी रोशन करते हैं. आज देश में ऐसे ही युवाओं की आवश्यकता है. जो ज्ञानवान हो, चरित्रवान हो तथा कर्तव्य निष्ठ हो. उन्होंने आगे कहा है कि अपने सम्मानित शिक्षकगण को भी हृदय से धन्यवाद देता चाहता हूं कि निरंतर परिश्रम, धैर्य तथा समर्पण के साथ सभी के जीवन को आकर दे रहे हैं. शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ता अपितु वह अंधकार में मार्ग दिखाने वाला पथप्रदर्शक होता है. आपके बिना यह आयोजन तथा यह शैक्षणिक यात्रा संभव नहीं है. मां सरस्वती से यही प्रार्थना करता हूं कि वह आप सभी को सद्बुद्धि प्रदान करें.

आपके जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर करें तथा ज्ञान, विवेक व संस्कार के प्रकाश से आपके जीवन को अवलोकिक करें. आईए हम सभी यह संकल्प ले कि हम ज्ञान को अपनाएंगे, अज्ञान को त्यागेंगे हम प्रकाश बनेंगे अंधकार नहीं. आज बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर मां सरस्वती की आराधना करते हुए हम सभी ने यह अनुभव किया है कि अंधकार को केवल ज्ञान ही दूर कर सकता है. आज हमारी छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ने यह बिल्कुल स्पष्ट रूप से साबित कर दिया है कि शिक्षा केवल पुस्तक तक सीमित नहीं है बल्कि संस्कार आत्मविश्वास तथा कला का संगम है. फिनिक्स पब्लिक स्कूल हमेशा से यही उद्देश्य रहा है कि विद्यार्थियों को ज्ञानवान ही नहीं अपितु श्रेष्ठ मानव बनना है. हम सभी मां सरस्वती से प्रार्थना करते हैं कि वह हमारे जीवन को ज्ञान के प्रकाश से सदैव आलोकित रखें.

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