आज पूरे देश में मकर संक्रांति का पावन पर्व उल्लास, श्रद्धा तथा सकारात्मक ऊर्जा के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है. आज यह पर्व केवल एक त्यौहार ही नहीं अपितु जीवन में परिवर्तन, नई दिशा तथा नए संकल्प का भी प्रतीक है. मकर संक्रांति का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस दिन सूर्य उत्तरायण होता हैं तथा प्राकृतिक में सकारात्मक परिवर्तन प्रारंभ होता है.
सकारात्मक सोच और नई शुरुआत का आवाहन
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पूजा ब्यूटी जोन की संचालिका पूजा पांडेय ने इस शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है तथा अपने विचार साझा की है. उन्होंने आगे कहा है कि यह पर्व हमें यह भी सीखता है कि जैसे सूर्य अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ता है वैसे ही हमें निराशा, भय तथा नकारात्मक को पीछे छोड़कर आत्मविश्वास तथा आशा के मार्ग पर आगे बढ़ाना चाहिए. आज भारत की संस्कृति में यह पर्व मेहनत, समर्पण तथा एकता का संदेश देता है. आज का भारत तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है. महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है. चाहे वह शिक्षा हो, व्यवसाय हो, कला हो या सौंदर्य उद्योग हो.

एक महिला उद्यमी के रूप में मेरा अनुभव यह कहता है की आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक मजबूती नहीं अपितु आत्मसम्मान तथा आत्मविश्वास की भी पहचान है. पूजा ब्यूटी जोन की स्थापना के पीछे मेरा यह उद्देश्य केवल सौंदर्य सेवाएं प्रदान करना ही नहीं अपितु महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें आत्मविश्वास देना तथा उनके सपनों को पंख देना भी है. मकर संक्रांति हमें परिश्रम का मूल्य समझता है, जैसे किसान पूरे साल मेहनत करके फसल काटता है वैसे ही जीवन में भी सफलता निरंतर प्रयास तथा धैर्य से ही मिलती है. आज जरूरत है कि हम अपने पारंपरिक मूल्यों को अपनाते हुए आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़े. उन्होंने आगे कहा है कि आईए इस मकर संक्रांति पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं, अपने देश को आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाने में योगदान दे तथा एक बेहतर सुंदर तथा उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाए.
नए संकल्प का पर्व मकर संक्रांति
आज वोकल फार लोकल को अपनाकर हम न केवल अपने देश के अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं अपितु स्थानीय कारीगरों तथा उद्यमियों को भी सशक्त भी बना सकते हैं. आज इस अवसर पर मैं विशेष रूप से युवाओं से कहना चाहती हूं कि अपने लक्ष्य को पहचाने तथा पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें. असफलताएं जीवन का हिस्सा है लेकिन वही हमें मजबूत भी बनती है. हर नया दिन एक नई शुरुआत है. आज मकर संक्रांति इसी नई शुरुआत का भी प्रतीक है. अपने अंदर छिपी प्रतिभा को पहचाने तथा समाज में विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे. इसके साथ ही आज के समय में आत्मा देखभाल भी बेहद जरूरी है.

हम जब खुद से प्रेम करते हैं अपने स्वास्थ्य तथा मानसिक शांति का ध्यान रखते हैं तभी हम अपने भी परिवार तथा समाज के लिए बेहतर कुछ कर पाते हैं. सौंदर्य केवल बाहरी नहीं होता, असली सुंदरता आत्मविश्वास सकारात्मक सोच तथा अच्छे कर्मों से हमारे जीवन में आती है. मकर संक्रांति का पर्व हमें एक दूसरे से जोड़ता है चाहे पतंगबाजी हो, तिल गुड़ की मिठास हो या अपनों के साथ बिताए गए पल। यह सभी हमें याद दिलाती है कि हमारी संस्कृति से प्रेम सहयोग तथा भाईचारे का कितना महत्व है. आज जब दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है तब हमें एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.


