आज यह पूरी दुनिया नया साल जोश और उमंग के साथ मना रही है नव वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का नाम नहीं अपितु यह आत्म मंथन, नए संकल्प तथा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है साल के इस पहले दिन देश की एक जागरूक भारतीय महिला के रूप में समस्त देशवासियों, विशेष कर महिलाओं तथा युवाओं को नए साल की शुभकामनाएं देती हूं आज यह समय बीते साल की चुनौतियों से सीख लेकर आने वाले कल को तथा अधिक सशक्त संवेदनशील तथा समावेशी बनाने का है.
समानता तथा सशक्त भविष्य का संकल्प
आज बस्ती जिले में मालवीय रोड पर स्थित उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के डिप्टी मैनेजर प्रिंसी पाल ने कहा है कि हमारा भारत एक ऐसा देश है जहां परंपरा तथा आधुनिकता साथ-साथ चलती है. पिछले कुछ सालों में हमारा समाज तीव्र गति के साथ बदल रहा है. महिलाएं आज शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीतिक, व्यापार तथा रक्षा जैसे हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रही दिखाई दे रही है. अब यह प्रगति गर्व का विषय है लेकिन इसके साथ-साथ ही यह स्वीकार करना भी जरूरी है कि आज भी अनेक महिलाएं समान अवसर, सुरक्षा तथा सम्मान के लिए संघर्ष कर रही हैं. आज नया साल हमें यह याद दिलाता है कि महिला सशक्तिकरण केवल नारों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए अपितु यह हमारे व्यवहार, सोच तथा नीतियों में दिखना चाहिए.

एक शिक्षित तथा आत्मनिर्भर महिला ही परिवार, समाज तथा राष्ट्र को सशक्त बना सकती है हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बेटी को शिक्षा मिले, हर महिला को सुरक्षित वातावरण मिले तथा हर मां को सम्मान मिले. आज का युवा भारत की सबसे बड़ी ताकत है. आज नया साल में युवाओं से यह अपेक्षा है कि वह केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित ना रहे अपितु समाज तथा देश के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को समझें, तकनीकी नवाचार तथा विचार को शक्ति से युवा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है. इसके साथ-साथ ही उन्हें मानवीय मूल्यों संवेदनशीलता तथा नैतिकता को भी अपने जीवन में अपनाना होगा.
नए वर्ष पर एक भारतीय महिला की आवाज, पढ़िए
प्रिंसी पाल ने कहा है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं आज भी देश की अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है. कृषि, हस्तशिल्प, स्वयं सहायता समूहों तथा स्थानीय उद्योगों में उनका महत्वपूर्ण अमूल योगदान है नया साल में हमें ग्रामीण महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सहायता तथा बाजारों से जोड़ने के प्रयास को और भी भारत सरकार को मजबूत करना होगा ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके तथा अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित कर सकें. नया साल पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी की भी याद दिलाती है. एक महिला के रूप में जो जीवन को जन्म देती है तथा उसका संरक्षण करती है मैं सभी से अपील करती हूं कि प्रकृति के संरक्षण को अपना कर्तव्य समझे,

जल बचाना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना, पेड़ लगाना तथा स्वच्छता बनाए रखना यह सभी छोटे कदम मिलाकर बड़े बदलाव पूरे भारत में कर सकते हैं. आज पूरे समाज को एक दूसरे को सुनने तथा समझने की भी जरूरत है. मतभेद स्वाभाविक है लेकिन संवाद तथा सम्मान के साथ-साथ ही हम एक मजबूत लोकतंत्र का निर्माण कर सकते हैं. नए साल में हमें नफरत भेदभाव तथा हिंसा को पीछे छोड़कर प्रेम, सहयोग तथा एकता को अपनाना होगा. डिप्टी मैनेजर प्रिंसी पाल ने कहा नया साल पर मेरा यही संदेश है कि हम सभी मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें जहां महिलाएं निर्भय हो, बच्चे सुरक्षित हो, युवा प्रेरित हो तथा बुजुर्ग सम्मानित हो. इसलिए इस नए साल में हम केवल अपने लिए नहीं अपितु समाज तथा देश के उज्जवल भविष्य के लिए संकल्प ले. नया साल आप सभी के जीवन में स्वास्थ्य, शांति, समानता तथा सफलता लेकर आए.


