आज पूरे देश में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है जिसमें समस्त विद्यार्थियों ने भी इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया है यह अवसर केवल एक जीत की वर्षगांठ नहीं अपितु राष्ट्र प्रेम, त्याग, एकता तथा संस्कृति चेतना के पुनर्जागरण का पर्व भी माना जाता है. वंदे मातरम केवल शब्दों का समूह नहीं अपितु यह भारत माता के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा, सम्मान तथा समर्पण का जीवंत प्रतीक है.
राष्ट्र प्रेम, संस्कार तथा संकल्प का महाउत्सव
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि 150 वर्ष पूर्व रचित यह अमर रचना आज भी हर भारतीयों के हृदय में वही ऊर्जा, वही गर्व तथा वही प्रेरणा को जागृत करती है हमें यह गीत याद दिलाता है कि हम एक गौरवशाली सभ्यता के उत्तराधिकारी है जिसकी जड़ें त्याग तथा बलिदान में रची बसी हुई है. इस कड़ी में विद्यार्थियों को बताया गया है की स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों देशवासियों को एक सूत्र में बांधा गया था इस जीत ने जन-जन में स्वतंत्रता की लौ प्रज्वलित की तथा मातृभूमि के लिए सर्वोच्च न्योछावर करने का साहस प्रदान भी किया है उन्होंने आगे भी कहा है कि आज जब देश अमृतकाल की ओर अग्रसर है.

तब इस गीत का संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक भी हो गया है. उन्होंने विद्यार्थियों से आवाहन भी किया है कि वह वंदे मातरम् को केवल गाने तक ही सीमित न रखें अपितु उनके भाव को अपने आचरण में उतरे. अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम, करुणा तथा राष्ट्रीय हित यह सभी मूल्य इस जीत की आत्मा के रूप में है जब विद्यार्थी अपने जीवन में इन मूल्यों को अपनाते हैं तब सच्चे अर्थों में वंदे मातरम् का सम्मान भी होता है. प्रधानाचार्य ने शिक्षा के महत्व पर भी विशेष बल दिया है एक सशक्त राष्ट्र की नींव शिक्षित संस्कृत तथा जिम्मेदार नागरिक से ही रखी जाती है सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्ट नहीं अपितु विद्यार्थियों में राष्ट्र प्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नैतिक मूल्यों का विकास करना भी सर्वोपरि है.
स्कूल के बच्चों को संबोधित, बच्चे देश के भविष्य
प्रधानाचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव मीडिया से बातचीत करने के दौरान कहा है कि आप सभी हमारे देश के भविष्य हैं तथा आपका हर सकारात्मक कदम भारत को मजबूत बनाएगा इन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा है कि इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया है विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों का गायन भी किया है कविताएं प्रस्तुत की तथा वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर विचार साझा किया है. वातावरण में उत्साह गर्व तथा एकजुट की अनुभूति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए बताया है कि किस प्रकार राष्ट्र प्रेम को दैनिक जीवन में व्यावहारिक रूप दिया जा सकेगा. प्रधानाचार्य ने अंत में विद्यार्थियों को संकल्प लेने का भी आग्रह किया है कि वह देश की एकता तथा अखंडता की रक्षा करेंगे.

संविधान के मूल्यों का सम्मान करेंगे तथा अपने कर्मों से भारत की गरिमा बढ़ाएंगे. वंदे मातरम हमें यह भी सीखता है कि मातृभूमि के प्रति केवल भावना नहीं अपितु जिम्मेदारी भी है एक ऐसी जिम्मेदारी जिसे हर दिन, हर पल, हर समय निभाना अति आवश्यक है कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से वंदे मातरम के गान के साथ किया गया जिसने पूरे विद्यालय को भाव विभोर कर दिया है यह आयोजन न केवल एक स्मरणत्सव था अपितु एक प्रेरणादाई संदेश भी था कि 150 वर्ष बाद भी वंदे मातरम् उतना ही जीवंत है जितना ही शक्तिशाली तथा उतना ही मार्गदर्शक भी है. संत लॉरेंस पब्लिक स्कूल का यह प्रयास विद्यार्थियों के दिल में राष्ट्र प्रेम की ज्वाला को और भी प्रज्वलित करेगा तथा उन्हें जिम्मेदार जागरूक तथा संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेगा.


