आज देश में बेटियां सिर्फ घर की ही नहीं पूरे देश की पहचान बन चुकी हैं उनकी मुस्कान में संभावनाएं हैं तथा उनकी उड़ान में भारत का कल छिपा हुआ है. बेटियां डॉक्टर बने, सिंगर बने, साइंटिस्ट और सपोर्ट स्टार बने। वह हर हर क्षेत्र में इतिहास का पन्ना भर रही हैं जरूरत बस अब इतना है कि अब उन्हें सपने देखने दे, आगे बढ़ने दे तथा हर कदम पर उनका साथ दे आईए लेख में जानते हैं इस बेटी ने क्या इतिहास रचा है.
सिंधी समाज की इस बेटी ने बजाया डंका, मम्मी पापा खुश
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में रहने वाली इना लखमानी ने कहा है कि आज का दिन मेरे लिए सिर्फ एक तारीख ही नहीं अपितु एक एहसास है जो यह दर्शाता है कि सपने सच होते हैं बशर्ते हम उन पर डटे रहे. आज मुझको बेस्ट सिंगर अवार्ड से सम्मानित किया गया है और यह पल मेरा ही नहीं है अपितु यह हम सब का है जिन्होंने इस सफर को मिलकर जिया है. आगे उन्होंने कहा मैं एक नेशनल तथा इंटरनेशनल गायिका के रूप में मंच पर कई बार खड़ी हुई हूं लेकिन आज इसी बीच आज का सम्मान मेरे दिल के सबसे करीब रहेगा. मुझे भारत के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह के कर कमलों द्वारा सम्मान प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है.

यह सिर्फ एक अवार्ड ही नहीं अपितु एक आशीर्वाद है जिसने मेरे सफर को और भी उज्जवल और सुहाना कर दिया है. राजनाथ सिंह ने हमें जो शब्द कहा है कि हिम्मत मत हारना, आगे बढ़ते रहना, वह मेरे लिए जीवन भर की प्रेरणा का स्त्रोत बन चुका है. अब यह सम्मान मेरे काम, मेरी मेहनत तथा आपकी दुआओं की विजय है. नेशनल तथा इंटरनेशनल स्टेज पर गाते हुए मैंने एक बात भी सीखी है अगर दिल में जुनून हो तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता है आज इस सम्मान को अपने सभी दर्शकों, शुभचिंतकों तथा संगीत प्रेमियों को मैं समर्पित करती हूं. आज मैं आप सभी को यह वादा करना चाहती हूं कि यह मेरी मंजिल नहीं है अपितु एक नई शुरुआत है मैं और मेहनत करूंगी तथा अच्छा गाउंगी और अपनी आवाज से आपको और भी अधिक कनेक्ट करने की कोशिश करूंगी.
आज सिंधी समाज का गौरव बढ़ा, राजधानी में सम्मानित
इना लखमानी न्यूज़ ऑफ़ नेशन से बातचीत करने के दौरान सभी दर्शकों को बताया है कि मैं उन सभी कलाकारों को सह-सम्मान सलाम करती हूं जो आज भी अपने सपनों के लिए दिन-रात लगातार मेहनत कर रहे हैं ना मंच छोटा होता है और ना ही दर्शक, हर जगह हर कोशिश हर पल मायने रखती है. आपकी कला अमूल्य है उसे किसी अवार्ड की जरूरत नहीं लेकिन हां अवार्ड जरूर आपकी कला की चमक बढ़ा देती है. मैं अपनी इस भरी उपलब्धि का क्रेडिट सिर्फ अपनी आवाज को ही नहीं देती अपितु अवार्ड मुझे उस सफर ने दिया है जिन्होंने मेरी गलतियां, जिन्होंने मुझे सुधारना सिखाया है, वो हार जिसने मुझे मजबूत और लड़ना सिखाया है और वह प्यार जिसने मुझे आगे बढ़ने का लगातार हौसला दिया है. वो तौहीन जिसने मुझे मजबूत बनाया है.

उन्होंने मीडिया से बातचीत करने के दौरान कहा है कि यह कार्यक्रम समृद्धि भारत, सशक्त समाज जिसे आयोजन किया है विश्व सिंधी हिंदू फाउंडेशन संगठन जो भारत सरकार तक इस कार्यक्रम का संदेश गया है. इस कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान भवन दिल्ली में किया गया. अंतिम चरण ने उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जब मंच पर मेरा नाम अनाउंस हुआ तो एक पल के लिए ऐसा लगा की पूरी दुनिया अब थम गई है, मेरा हाथ ठंडा पड़ गया, दिल बहुत तेज धड़क रहा था तथा दिमाग में सिर्फ एक बात यह सच में मैं हूं, लेकिन जैसे ही अवार्ड मेरे हाथ में आया मुझे वह सारे पल याद आ गए. वह रातें जब सब सो जाते थे और मैं चुपचाप बैठकर रियाज करती थी. वह दिन जब एक-एक लाइक और कमेंट मेरे लिए किसी अवार्ड से कम नहीं था वह लोग जो बोलते थे तुमसे नहीं होगा और सबसे ज्यादा वह लोग जो हमेशा कहते थे तुम कर सकती हो. मैं यह अवार्ड उन सभी को समर्पित करती हूं जिन्होंने मुझ पर लगातार भरोसा किया है. सबसे पहले मेरे परिवार जिन्होंने मेरे सपने को कभी बोझ नहीं समझा. इना लखवानी ने विज्ञान भवन दिल्ली के मंच से पूरे देश को धन्यवाद बोली है.


