आज पूरे देश में बाल दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है हर एक छात्रों के लिए, हर एक अधिकार – अर्थात् यह है कि हर छात्रों को शिक्षा, प्यार, अवसर तथा सुरक्षा मिलना आवश्यक है. नेहरू जी को चाचा नेहरू के नाम से जाना जाता था क्योंकि उन्हें बच्चों से गहरी स्नेह भाव था. उन्होंने मान्यता दी थी कि बच्चों का कल ही राष्ट्र का भविष्य है.
बाल दिवस इस वर्ष नए स्वरूप में, जानिए क्या
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शिक्षण संस्थाओं के गलियारों में बाल दिवस की चर्चा तेज है. इस कड़ी में मालवीय रोड पर स्थित रंजीवन ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर हर्षित गुप्ता ने इस खास अवसर पर सभी छात्रों और उनके माता-पिता को संबोधित करते हुए संदेश दिया है. आज हमारा भारत आधुनिक युग के साथ-साथ स्वतंत्रता व संविधान के अमृत काल में जी रहा है। चारों तरफ शीत लहर का मौसम होने के बाद भी देश में ‘बाल दिवस’ की तैयारियां जोरों शोरों से हो रही है। रंजीवन संस्थान में ‘बाल दिवस’ से संबंधित रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन होना सुनिश्चित किया गया है. बाल रूप में ईश्वर का स्वरूप देखा जाता है
इसलिए हमें अपने बच्चों को बचपन से ही सत्य और कर्म का पाठ सीखना चाहिए. हमें अपने बच्चों को संस्कारी और स्वाभिमानी बनाने में कोई कमी नहीं छोड़नी चाहिए। चूंकि वर्तमान युग में शिक्षा का गहरा प्रभाव है इसलिए हमें अपने बच्चों को शिक्षा का अधिकार जरूर से जरूर देना चाहिए। हमें बच्चों में बचपन से ही सही -गलत का फर्क के साथ-साथ जनप्रेम व लोकप्रेम सीखना चाहिए. आज हम इस संस्थान के प्रांगण में एक अत्यंत खास दिन मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं भारत में यह दिन हम हर वर्ष 14 नवंबर को मानते हैं क्योंकि यह हमारे प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी का जन्मदिन भी है.

हर एक मेकअप आर्टिस्ट, हर एक अधिकार की राह
इस खास आयोजन पर हर्षित गुप्ता ने मीडिया जगत से बातचीत करते हुए कहा है कि हमारे यहां मेकअप आर्टिस्ट छात्राएं सौंदर्य और श्रृंगार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं. यह एक अद्भुत सृजनात्मक फील्ड है. इस बाल दिवस पर आईए इस दृष्टि से देखें कि कैसे आप अपनी कला क्षमता अपने प्रोफेशन और अपने सामाजिक दायित्वों को साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं. मेकअप सिर्फ रंग रूप बदलना नहीं है यह आत्मविश्वास बढ़ाने अपनी पहचान स्वीकारने तथा खुद को बेहतर महसूस करने का माध्यम भी है हम अपने छात्रों को यह समझते हैं कि सौंदर्य की कला का उद्देश्य दबाव और अनुकरण नहीं अपितु स्व अभिव्यक्ति होना चाहिए.
बाल दिवस का संदेश हमें यह याद दिलाता है कि हर छात्र सुरक्षित शिक्षित तथा सम्मानित माहौल का अधिकार है जब छात्र मेकअप आर्टिस्ट बन रहे हैं तो इस दृष्टिकोण से भी सोचे किस तरह आपकी कला दूसरों को बेहतर महसूस करने में मदद कर सकती है. आगे उन्होंने कहा हम इस अवसर पर छात्रों को सिर्फ खुशियां देना ही नहीं अपितु यह याद दिलाना चाहते हैं कि आपके भीतर छिपी प्रतिभा है, आपके सपने हैं, और हम सब मिलकर उन्हें साकार करने में आपका साथ देंगे. चलिए मिलकर प्रतिज्ञा लेते हैं हम अपने अधिकारों का सम्मान करेंगे, दूसरों के अधिकारों का भी सम्मान करेंगे तथा देश और समाज के लिए जिम्मेदारी निभाएंगे.


