स्वतंत्रता दिवस पर हंशु चिल्ड्रन एकेडमी में गूंजा राष्ट्रप्रेम का संदेश, डायरेक्टर हरिगोविंद सिंह ने बताया आजादी का असली अर्थ

15 अगस्त के अवसर पर हंशु चिल्ड्रन एकेडमी के डायरेक्टर हरिगोविंद सिंह ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिन है, जो हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश को आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था. यह दिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेने का भी दिन है.

आजादी का जश्न ही नहीं, संकल्प का दिन भी है

डायरेक्टर हरिगोविंद सिंह ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में अपने विचार व्यक्त कर पा रहे हैं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उसके पीछे लाखों वीरों का संघर्ष छिपा है इसलिए प्रत्येक भारतीय को स्वतंत्रता के महत्व को समझना चाहिए और देश की एकता, अखंडता तथा सम्मान को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने विशेष रूप से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के भारत का निर्माण करेंगे. आने वाले समय में यही बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, अधिकारी, उद्यमी और देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे.

ऐसे में विद्यार्थियों के लिए केवल पढ़ाई में अच्छे अंक हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके अंदर अच्छे संस्कार, अनुशासन, ईमानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी की भावना भी होनी चाहिए. डायरेक्टर हरिगोविंद सिंह ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री या अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है. शिक्षा व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाने और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराने का माध्यम है. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ें. समय का सदुपयोग करें और असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करें.

स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल के विद्यार्थियों ने जगाई देशभक्ति की अलख

विद्यालय के प्रधानाचार्य नित्यानंद पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि देशभक्ति केवल स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिखाई देने वाली भावना नहीं होनी चाहिए. सच्ची देशभक्ति तब है, जब हम अपने दैनिक जीवन में अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें. समाज में स्वच्छता बनाए रखना, पर्यावरण की रक्षा करना, जरूरतमंद लोगों की मदद करना, कानून और नियमों का सम्मान करना तथा आपसी भाईचारा बनाए रखना भी राष्ट्रसेवा का ही एक रूप है. प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर देश की एकता को मजबूत करने की अपील और कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है. अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद हम सभी भारतीय हैं और देश की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करना हमारा दायित्व है.

विद्यालय की मैनेजर श्वेता सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया और कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव, सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है. हमें राष्ट्रीय ध्वज का सदैव सम्मान करना चाहिए और स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लेना चाहिए. भारत को मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाने में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. यदि आज के विद्यार्थी मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी को अपने जीवन का हिस्सा बना लें तो आने वाला भारत निश्चित रूप से और अधिक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा. हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की और कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

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