स्वतंत्रता दिवस भारत के इतिहास का वह गौरवपूर्ण अवसर है जब पूरा देश स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद करता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था. 15 अगस्त केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं है बल्कि यह दिन हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है. इसी भावना को व्यक्त करते हुए राजन इंटरनेशनल एकेडमी के प्रबंध निदेशक शिखा चतुर्वेदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संदेश दिया.
राष्ट्रहित में ईमानदारी से निभाएं अपनी जिम्मेदारी
विद्यालय की प्रबंध निदेशक शिखा चतुर्वेदी ने न्यूज़ ऑफ़ नेशन नेटवर्क की टीम को जानकारी देते हुए बताया कि स्वतंत्रता हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद मिली है. देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे मजबूत, शिक्षित, आत्मनिर्भर और विकसित बनाना आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है. आजादी का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक हो सकता है जब प्रत्येक नागरिक देश के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाए और समाज में एकता, भाईचारे तथा आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करे. भारत की सबसे बड़ी शक्ति युवा आबादी है. युवा केवल देश का भविष्य नहीं होता है बल्कि वर्तमान की सबसे महत्वपूर्ण ताकत भी हैं.

विद्यालय के प्रधानाचार्य सानू एंटोनी ने कहा कि शिक्षा, तकनीक, नवाचार, विज्ञान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में युवाओं की प्रतिभा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है. सानू एंटनी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें, कठिन परिस्थितियों से घबराएं नहीं और अपनी शिक्षा एवं प्रतिभा का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें. राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि देश को आगे बढ़ाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है. ईमानदारी से अपना काम करना, कानून और संविधान का सम्मान करना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहना तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी राष्ट्र सेवा का ही एक रूप है.

देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाना ही हर नागरिक का कर्तव्य
महाविद्यालय के प्राचार्य संजीव पांडेय ने कहा कि आज भारत तेजी से बदल रहा है. विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और नवाचार जैसे प्रयासों ने युवाओं के सामने नए अवसर पैदा किए हैं. ऐसे समय में विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से भी जुड़े रहना चाहिए. स्वतंत्रता का अर्थ केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति नहीं है. हमें अशिक्षा, गरीबी, भेदभाव, भ्रष्टाचार, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों से भी मुक्ति की दिशा में लगातार प्रयास करना होगा. जब समाज का प्रत्येक वर्ग सम्मान, अवसर और न्याय के साथ आगे बढ़ेगा, तभी स्वतंत्रता का उद्देश्य पूरी तरह सार्थक माना जाएगा. शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूत नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था से तैयार होती है. शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं है बल्कि उनमें अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है.

ऐसे विद्यार्थी ही आगे चलकर समाज और देश के लिए उपयोगी नागरिक बन सकते हैं. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखें, यही हर नागरिक का कर्तव्य है. भाषा, क्षेत्र, जाति और अन्य विविधताओं के बावजूद भारत की पहचान उसकी एकता और विविधता में निहित है. तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं है बल्कि यह देश के गौरव, संघर्ष, बलिदान और आशाओं का प्रतीक है. हमें तिरंगे के सम्मान के साथ देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना भी हमारा दायित्व है. प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने स्तर पर ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करे तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र यदुवंशी ‘जीत’ ने किया. कार्यक्रम में आंचल सेठी, दीपिका दुबे, ऋचा पाण्डेय, अदिति सिंह, स्वप्निल कन्नौजिया, वेदिका, रितिका, संजय तिवारी, यशु, प्रदीप त्रिपाठी, गोपाल सिंह, सूरज प्रजापति, रिंकू पांडेय, अमित मिश्रा, सौरभ पाण्डेय, शिवांश उपाध्याय, पुनीता त्रिपाठी, रेखा श्रीवास्तव, आकृति साहू, मनीषा गुप्ता, मानसी सिंह, पूनम गुप्ता, ज्योति, रीमा डिमेलो, श्वेता त्रिपाठी, सुमन दुबे, शीतल राव एवं राहुल पाण्डेय सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे. आजादी की विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि हम अपने कर्तव्यों को समझें, ईमानदारी से उनका पालन करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


