कई सदियों के प्रतिक्षा के बाद राम मंदिर के शिखर पर फहरेगा धर्म ध्वज – अमरमणि पांडेय

पूरे देश में राम मंदिर की चर्चा रफ्तार पकड़ चुकी है अयोध्या की पवित्र धरती पर स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर सदियों से संस्कृति तथा धर्म का केंद्र माना जाता है यह स्थान केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं अपितु भारतीय सभ्यता की आत्मा तथा मूल्यो का प्राण है.

अयोध्या समारोह की भव्य तैयारियां प्रारंभ

आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में देलही पब्लिक सीनियर स्कूल और यूरोकिड्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अमरमणि पांडेय ने बताया है कि जब भव्य राम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज लहराएगा तो यह केवल एक ध्वज का फहराना नहीं होगा अपितु करोड़ों लोगों की भावनाओं, सदियों पुरानी परंपरा तथा विश्वास का प्रतीक होगा. जिसमें हिंदू धर्म में ध्वज को दिव्यता का प्रतीक भी माना गया है यह ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, अपितु संस्कृति, धर्म, सत्य और साहस का संदेश लेकर ऊंचाइयों फहरेगा. राम मंदिर पर फहराने वाला धर्म ध्वज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्श, करुणा, मर्यादा, न्याय, धर्म को हम सबको स्मरण करता है.

देखा जाए तो अयोध्या आंदोलन तथा लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया है जिसमें मंदिर के शिखर पर उठता हुआ धर्म ध्वज उन सभी लोगों के अटूट विश्वास तथा धैर्य का प्रतीक बनकर उभरेगा. जिन्होंने सालों तक इस छड़ की प्रतिक्षा भी की है. इस ध्वज में आस्था, विजय, जीत और शांति का संकेत भी है. इस कड़ी में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तथा उस पर धर्म ध्वज का फहराना भारतीय संस्कृति पुनर्जागरण की नई प्रारंभ भी हो सकता है लेकिन यहां केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं अपितु भारतीय कला, आध्यात्मिकता, स्थापत्य, संगीत तथा भाषा का संयुक्त महोत्सव भी है राम मंदिर के ऊपर फहराता ध्वज पूरे विश्व को यह भी संदेश देता है कि भारत अपनी परंपराओं, अपनी जड़ों, अपनी मूल्यो को सम्मान पूर्वक आगे की दिशा में बढ़ा रहा है.

पूरे अयोध्या धाम में उत्सव का माहौल

अमरमणि पांडेय ने मीडिया से भी खास बातचीत करने के दौरान कहा है कि भले ही राम मंदिर हिंदू आस्था का केंद्र है लेकिन इसके शिखर पर लहराता ध्वज संपूर्ण मानवता के लिए शांति तथा समरसता का भी संदेश देता है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं तथा उनके आदर्श, समुदाय, सभी धर्म तथा संस्कृतियों के लिए प्रेरणादायी है. धर्म ध्वज फहराने के साथ-साथ ही एक नए अध्याय में सभी का जीवन प्रवेश होता दिखाई दे रहा है लाखों श्रद्धालुओं, शोधकर्ता तथा पर्यटक यहां आएंगे जिससे यह स्थान सांस्कृतिक पर्यटन तथा आध्यात्मिक का बड़ा केंद्र का निर्माण हो जाएगा यहां भावी पीढ़ियों को भी हमारे गौरवशाली इतिहास तथा विरासत से परिचित कराएगा. राम मंदिर पर फहराने वाला धर्म ध्वजा केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं अपितु भारत की संस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है

यह करोड़ों लोगों की आस्था को सम्मान भी दे रहा है तथा यह भी संदेश दे रहा है कि न्याय, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने वाला समाज सदैव प्रगति तथा शांति को प्राप्त कर पाता है. इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों तथा देश को संबोधित भी करेंगे जिसमें मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी. अब इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत विशेष रूप से उपस्थित भी रहेेगें. मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब करीब 11:58 से दोपहर 1:00 तक ध्वजारोहण का शुभ मुहूर्त माना गया है. ध्वज फहराने का सर्वोत्तम समय 30 मिनट का मुहूर्त है दोपहर करीब 12:00 से 12:00 तक होना सुनिश्चित हुआ है.

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