पूरे विश्व में शिक्षा किसी समाज तथा राष्ट्र की प्रगति की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला माना जाता है यह केवल ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है अपितु जीवन को दिशा देने वाली कला है. शिक्षा व्यक्ति के भीतर छिपी संभावनाओं को उजागर भी करती है तथा आत्म विश्वास जिम्मेदारी और विवेक के साथ-साथ आगे बढ़ाने की शक्ति प्रदान करती है.
अभिभावक तथा शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण पैगाम
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में बीते दिन रविवार को सुपर किड्स चैंपियनशिप 2025 के परिणाम घोषित हुए हैं जिसमें रेलवे स्टेशन रोड स्थित सनराइज स्कूल का प्रदर्शन बेहतर रहा इस कड़ी में अटल बिहारी प्रेक्षागृह मैं सुपर किड्स चैंपियनशिप 2025 के परिणाम सामने आए हैं जिला स्तर पर हुए इस परीक्षा कार्यक्रम में शहर के सभी सुप्रसिद्ध प्राप्त विद्यालयों ने सहभागिता दी है. इसी बीच सनराइज स्कूल के लिए यह गौरव का समय भी प्रारंभ हो चुका है आपको बता दें यह स्कूल संपूर्ण जिला में तीसरा स्थान प्राप्त किया है

इस विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रधानाचार्य, बच्चों की मेहनत तथा सभी अध्यापकगण के अथक प्रयास शिक्षा के प्रति कटिबद्धता को दर्शाता है. विद्यालय के कुछ बच्चों ने सत प्रतिशत अंक प्राप्त करके कीर्तिमान भी कायम कर दिया है करीब करीब सभी बच्चों ने गोल्ड मेडल सिल्वर और मेरिट में स्थान बखूबी से बना लिया है. स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. ए.आर खान ने सुपर किड्स की पूरी टीम को धन्यवाद ज्ञापित किया है आगे उन्होंने कहा है कि हम अपने बच्चों को फ्यूचर रेडी कर रहे हैं. इस विस्तृत वार्ता में उन्होंने कहा वह स्कूल में रोबोटिक लैब, एस्ट्रोनॉमी लैब, स्टेम लैब, लैंग्वेज लैब तथा व्यवस्थाओं से लैस करने जा रहे हैं.
शिक्षा ही छात्रों का भविष्य, शिक्षा की शुरुआत आज से
इसी बीच स्कूल के प्रधानाचार्य डॉक्टर फैसल अख्तर ने मीडिया से खास बातचीत किया उन्होंने बताया है कि आज के समय में शिक्षा का महत्व पहले से कहीं अधिक आधुनिक और बढ़ता जा रहा है तकनीकी विज्ञान तथा डिजिटल युग में तीव्र गति से हो रहा परिवर्तन सीखने की संभावनाओं को व्यापक कर दिया है. लेकिन शिक्षा केवल स्कूल की चार दिवारी तक सीमित नहीं रही अपितु यह जीवन के हर मोड़ पर सीखने का अवसर बन चुका है. आधुनिक संसाधन, ऑनलाइन माध्यम तथा स्मार्ट क्लास में शिक्षा को और आधुनिक सुलभ प्रभावी बना दिया है.

एक शिक्षित समाज हमेशा प्रगति की राह पर चलता है शिक्षा ही हमें सोचने, निर्णय तथा समझने की क्षमता प्रदान करती है यह सामाजिक समानता को भी बढ़ावा देती है तथा गरीबी, भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों को कम करने में अहम भूमिका निभाती है. जब एक युवा शिक्षित होता है तब वह केवल अपने जीवन को ही नहीं अपितु स्वयं सीखने की आदतें विकसित करने में मदद करें. अंततः शिक्षा वह दीपक है. जो अज्ञान के अंधकार को मिटाकर जीवन में सफलता का रास्ता रोशन भी करता है, ज्ञान ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का दिशा निर्धारित करता है तथा राष्ट्र को विकासशील से विकसित बनाने में काफी मदद करता है इसीलिए हमें यह संकल्प लेना चाहिए की शिक्षा को हम केवल अधिकार नहीं अपितु कर्तव्य की दृष्टि से अपने तथा हर युवा तक इसे पहुंचाने का प्रयास करें.
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


