छवि मेकओवर ब्यूटी पार्लर की संचालिका छवि कसौधन ने नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी भारतवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि भारत का सबसे पवित्र त्योहार माना जाता है. यह हिंदू धर्म के सभी त्योहारों में से सबसे खास और आनंदमय त्योहार है. नवरात्रि दो शब्दों का मेल होता है ”नव अर्थात नौ” और ”रात्रि अर्थात राते”। इसका मतलब यह है कि नवरात्रि 9 दिनों का होता है. नौ दिनों तक लगातार मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है.
नवरात्रि का नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों का दर्शन
मीडिया से बातचीत करते हुए छवि का कसौधन ने कहा कि नवरात्रि में सभी हिंदू नौ दिनों का व्रत भी रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं और विश्व मंगल की कामना भी करते हैं. नवरात्रि का पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री शक्ति, ऊर्जा और सहनशक्ति का प्रतीक मानी जाती है. नवरात्रि का दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, संयम और समझदारी की प्रतिमूर्ति मानी जाती हैं. नवरात्रि का तीसरे दिन में मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. मां चंद्रघंटा साहस और वीरता की देवी मानी जाती है. नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है जो हमारी शारीरिक ऊर्जा को बढ़ाती है और हमें अपना आशीर्वाद देती है. नवरात्रि का पांचवा दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है. मां स्कंदमाता ममता और करुणा का प्रतीक मानी जाती है.

नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है, मां कात्यायनी शक्ति, ऊर्जा और न्याय के देवी मानी जाती हैं. नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि की पूजा अर्चना होती है, मां कालरात्रि अपने भक्तों को बुराई और नकारात्मक शक्तियों से बचाती है. नवरात्रि का आठवां दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, मां महागौरी शांति और एकता का प्रतीक मानी जाती है. नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है जो सिद्धि , सफलता और यश की देवी मानी जाती है. अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है. इस दिन छोटी कन्याओं को माता दुर्गा का नौ रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है और उन्हें भोजन कराया जाता है इसके साथ ही उन्हें नए-नए उपहार दिए जाते हैं. यही परंपरा हमें नारी शक्ति का सम्मान करना भी सिखाती है. नवरात्रि का पावन त्यौहार से हमें यह भी सीखना चाहिए कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां क्यों ना आ जाए लेकिन हम अपने ईश्वर की भक्ति कभी नहीं छोड़नी चाहिए.
नवरात्रि के विशेष मौके पर कई क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
छवि कसौधन न्यूज़ ऑफ़ नेशन की टीम को जानकारी देते हुए कहा कि नवरात्रि का पावन त्यौहार हमारे भीतर ईश्वर के प्रति विश्वास की भावना को पहले से अधिक बढ़ावा देता है और हमें ईश्वर के नजदीक ले जाता है. मां दुर्गा शक्ति , साहस और न्याय की देवी मानी जाती हैं इनकी भक्ति करने से हमारा जीवन सकारात्मक विचारों से भर जाता हैं और जीवन में आगे बढ़ने की रास्ता भी प्रशस्त हो जाता है. नवरात्रि के समय पूरे देश में भक्ति, उत्साह और आनंद का माहौल दिखाई देता है. सभी धार्मिक स्थल और घरों को सजाने की तैयारी की जाती है. हर मंदिर में भजन और कीर्तन होते हैं सभी लोग मां दुर्गा की विशेष आराधना करते हैं. नवरात्रि के विशेष मौके पर कई क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे डांडिया और गरबा भी खेला जाता है. भारतीय संस्कृति नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.

इन सभी कार्यक्रमों में लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा को पहनते हैं जो भारतीयता की पहचान होती है. भारत के सभी त्योहार केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति और भाईचारे का भी प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि की विशेषता यह भी है कि हमें अपने जीवन में नकारात्मकता, अहंकार, बुराई को दूर करके अच्छाई, प्रेम और सद्भावना को अपनाना चाहिए. जिस प्रकार माता दुर्गा ने महिषासुर जैसे कई राक्षसों का वध किया, ठीक उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन को सत्य और धर्म के रास्ते पर ले चलना चाहिए. यह त्यौहार हमें परिवार समाज और अपने ईश्वर से जुड़ने का एक अवसर देता है. लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं भी देते हैं और एक साथ मिलकर इस त्यौहार का आनंद भी लेते हैं। इन्हीं शब्दों के सर मैं आप सभी को नवरात्रि की ढेर सारी शुभकामनाएं देती हूं. मां दुर्गा की कृपा आप सब पर बनी रहे।


