सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल खीरीघाट मिश्रौलिया मड़वानगर के डायरेक्टर राजकुमार श्रीवास्तव ने होली की शुभकामनाएं और सामाजिक एकता का विस्तार पूर्वक संदेश देते हुए कहा कि होली सनातन धर्म का प्रमुख और लोकप्रिय त्यौहार माना जाता है. जो हंसी-खुशी उमंग उत्साह का प्रतीक माना जाता है. होली जैसा पावन पर्व केवल रंग खेलने का उत्सव नहीं है बल्कि ये समाज में प्रेम, सद्भाव, एकता, अखंडता का भी संदेश फैलाता हैं.
रंगों की बौछार में सराबोर हुआ पूरा भारत
डायरेक्टर राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि होली हमें सिखाती है कि हमें अपने अंदर के आपसी मतभेद , ऊंच-नीच, जातिवाद, क्षेत्रवाद, गरीबी, अमीरी के भेदभाव को भूलकर सभी को एक साथ मिलजुल कर रहने का संदेश देता है. होली का त्यौहार सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार फागुन माह के पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इसकी प्रारंभिक शुरुआत होलिका दहन से होती है. जो अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है. होली का पावन त्यौहार यह भी प्रेरणा देता है कि हमें अपने समाज में नफरत, ईर्ष्या , अहंकार और सारी बुराइयों को त्याग कर प्रेम को बढ़ावा देना चाहिए. जब लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं तो यह एक विशेष प्रकार का संदेश देता है कि सभी व्यक्ति एक दूसरे के समान है और विभिन्न रंगों की तरह जीवन की विविधता भी सुंदर लगती है. यह पर्व इस बात का भी संदेश है कि होली की मिठाई ही रिश्तो में मिठास घोलती है. जब भारत के सभी लोग एक साथ मिलकर होली का त्यौहार मनाते हैं तो इससे भारत की सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है.

लोग अपने पुराने गिले-शिकवे को भूलकर एक दूसरे को रंग लगाकर गले लगाते हैं. सनातन का यह महापर्व आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देता है. सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मोहिता श्रीवास्तव ने कहा यही भावना सामाजिक एकता-अखंडता की नींव है. सभी सनातन त्योहार हमें मिलकर रहना सीखता हैं. जिससे हमारा समाज अधिक सुखी और समृद्धशाली हो सके. आज आधुनिक युग में प्रत्येक राष्ट्र कई प्रभावशाली विभाजनकारी विपत्तियों से जूझ रहा है. परंतु भारत में होली का त्योहार पूरे उत्साहपूर्वक रुप में मनाया जा रहा है. इससे ये पता चलता है कि भारत की सामाजिक शक्ति बहुत ही मजबूत है. यह होली जैसा पवित्र हिंदू त्यौहार हमें यह याद दिलाता है कि मानवता ही हमारे असली पहचान है. जाति भाषा क्षेत्र संप्रदाय के बजाय हमें प्रेम और भाईचारे को अपने जीवन में स्थान देना चाहिए. होली का पहले दिन होलिका दहन मनाया जाता है और दूसरे दिन रंगों से होली खेली जाती है. होली की धार्मिक कथा के बारे में बात करें तो प्राचीन समय में होलिका दहन किया गया था. जो बुराई पर अच्छाई की जीत का धार्मिक उदाहरण हैं.

अबीर-गुलाल से रंगा देश, होली पर झूम उठा पूरा भारत
इसी कड़ी में सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल राजा बाजार सेंट्रल बैंक पुरानी बस्ती में स्थित प्रधानाचार्य राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा आज भी हमारे समाज में होलिका दहन का पावन दिवस मनाया जाता है. और दूसरे दिन सभी लोग रंगों से होली खेलते हैं. इसी दिन सभी के घर में ढेर सारे पकवान बनते हैं, छोटे बच्चे एक दूसरे को रंग लगाते हैं. होली भारत की सांस्कृतिक एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और लोकप्रियता वाला त्योहार माना जाता है. यह दिन हमें भारत की विविधता और प्रत्येक व्यक्ति की अपने धर्म के प्रति जागरूकता भी दिखता है. होली रंगों का त्यौहार होने के साथ-साथ हमारे पूर्वजों की परंपराओं, मान्यताओं को स्वीकार करने का भी त्यौहार है. हमारा भारत अनंत काल से सत्य और धर्म के रास्ते पर चलने की सीख देता है. आज होली के शुभ अवसर पर भारत को आजाद करने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानी को भी याद करता हूं. क्योंकि उन्ही की वजह से आज हम लोग स्वतंत्र रूप से होली खेल पा रहे हैं. भारत की यह भूमि मां भारती के वीर सपूतो पर हजारों वर्षों तक गर्व करती रहेगी.

डायरेक्टर राजकुमार श्रीवास्तव ने कहा धार्मिक पुराणों के अनुसार यह भी माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने सबसे पहले राधा जी और गोपियों को रंग लगाया तब से होली का त्यौहार मनाया जाने लगा. वृंदावन, गोकुल, बरसाना और मथुरा इन स्थानों पर विशेष रूप से फूलों की होली खेली जाती है. यहां के लठमार होली पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. होली के पावन अवसर पर हर स्थान पर नृत्य , लोकगीत, भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. होली के दिन हर व्यक्ति की अपनी क्षेत्रीय वेशभूषा होती है. यह सब आपस में मिलाकर हमारे भारतीय संस्कृति को एक नई ऊंचाई देते हैं. जो राष्ट्र हित और राष्ट्र निर्माण का परिचायक है. होली के शुभ अवसर पर हमें सामाजिक एकता को और भी अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लेना होगा. रासायनिक रंगों का प्रयोग कम से कम करने के लिए हमें समाज को जागरूक करना होगा. आधुनिक युग की यह होली हमारे अंदर राष्ट्रीय प्रेम की भावना का संचार करें इन्हीं शब्दों के साथ मैं आप सभी को होली की एक बार होने की ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं.


