ब्रिलिएंट कंपटीशन क्लासेस (बीसीसी ग्रुप) के डायरेक्टर गुरु रवि ने होली जैसे विशेष त्योहार पर सभी देशवासियों को और विशेष रूप से छात्रों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति की परंपरा का एक अटूट अंग है. ये रंग भरा त्यौहार भारत और भारतीय संस्कृति की आत्मा है. रंगों से भरा यह पावन पर्व होली भारत की एकता, भाईचारे, प्रेम और आपसी सद्भाव का भी संदेश देता है.
सशक्त युवा देश को देता है नई दिशा
गुरु रवि ने बताया कि होली जैसे पावन मौके पर हमें क्षेत्र भाषा और जातिवाद को भूलकर एक दूसरे को गले लगाना चाहिए और वासुदेव कुटुंबकम को अपने चरित्र में उतारना चाहिए. जब होली के रंग एक दूसरे पर गिरते हैं तो हम यह सीखते हैं कि भिन्नता के बावजूद भी हम सब लोग एक हैं. होली के रंग-बिरंगे रंग हमें यह भी प्रेरणा देते हैं कि हमें अपने विचारों में सकारात्मक विचारों के रंग भरने चाहिए क्योंकि सकारात्मक विचार ही हमारे भविष्य को एक नई दिशा देती है. जिस प्रकार से भिन्न-भिन्न रंग मिलाकर इंद्रधनुष का निर्माण करते हैं. ठीक उसी प्रकार आपके संस्कार, विचार, मेहनत और लक्ष्य ये सब आपस में मिलकर आपके भविष्य को उज्जवल बनाते हैं.

आज के इस आधुनिक युग में हमें किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहना चाहिए. हमें कुछ ना कुछ रोजाना जरूर ही सीखना चाहिए. आज हमें आवश्यकता है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ खुद का भी निर्माण करें. पौराणिक कथाओं की माने तो होली के पहले होलिका दहन आता है जो हमें यह समझता है कि हमें अपने आंतरिक बुराइयों को दहन का देना चाहिए और फिर शुद्ध विचारों के साथ होली मनाना चाहिए. होली का पवित्र पर्व हमें इस बात के लिए भी प्रेरित करता है कि हमें अपने भीतर की छल कपट को मिटाकर एक दूसरे को गले लगाकर एक नए जीवन की शुरुआत करनी चाहिए. यही होलिका दहन का मुख्य संदेश माना जाता है.

युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
न्यूज़ ऑफ़ नेशन की टीम से बात करते हुए गुरु रवि ने कहा भारत जैसे अखंड राष्ट्र में अनेकों भाषाएं, रीति रिवाज और परंपराएं होने के बावजूद भी यहां अनेकता में एकता का दर्शन किया जाता है. हमारा भारत विशेष रूप से अहिंसा का पुजारी और मानव कल्याण का गुरु माना जाता है. उन्होंने छात्रों को संबोधित कहते हुए कहा कि आज हमारे पास तकनीकी के अनगिनत साधन है. जिनका तेजी से दुरुपयोग किया जा रहा है. इसलिए आज हमारे समाज को जागरूक होने की आवश्यकता है कि तकनीकी का उपयोग अपनी आवश्यकता अनुसार किया जाए ताकि ये आधुनिक तकनीक हमें जरा सा भी प्रभावित न कर पाए.

होली के इस पावन दिन पर हमें ये संकल्प लेना होगा कि हम अपने समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए हमेशा सजग रहेंगे , पर्यावरण की रक्षा करेंगे, स्वच्छता पर विशेष रूप से ध्यान देंगे, जल संरक्षण करेंगे, नए वृक्ष लगाना और सामाजिक सेवा का भी संकल्प लेना चाहिए. साथ ही हमें इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि होली मनाते समय होली के रंगों में केवल सूखे रंगों का ही विशेष रूप से इस्तेमाल करना चाहिए. हम यह कामना करते हैं कि इस बार की होली सबके जीवन में हर्ष, उल्लास, उमंग लेकर आए और सबके जीवन में नवीन ऊर्जा का संचार हो. होली अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक भी माना जाता है. इसलिए हमें अपने जीवन को अधर्म में से हटाकर सत्य की राह पर ले जाना चाहिए. तभी इस होली का हम भरपूर आनंद ले पाएंगे.


