यूपी में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है जहां बेटियां पार्लर और ब्यूटी वेलनेस सेक्टर में शामिल होकर अपने लिए आर्थिक अवसर तैयार कर रही हैं. गांव से लेकर शहर के इलाकों तक ब्यूटी पार्लर तथा वेलनेस ट्रेनिंग प्रोग्राम बेटियों के लिए नए द्वार खोल रहे हैं.
बस्ती की बेटियों के लिए गौरव का पर्व
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में स्थित आमा टिनिच स्थान पर शिवालयम् मेकअप स्टूडियो एंड एकेडमी का भव्य शुभारंभ जिला सेवायोजन अधिकारी अवधेंद्र प्रताप वर्मा ने फीता काटकर उद्घाटन किया है. इन्होंने इस कदम को ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है और ऐसे नामचीन संस्थाओं को समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बता दिया है.

इसी बीच रंजीवन ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर हर्षित गुप्ता ने कहा है कि इस तरह की स्किल ट्रेनिंग अपेक्षाकृत कम निवेश तथा कम औपचारिक शिक्षा को जरूरत भी होती है इसीलिए यह उन बेटियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिनके पास सीमित संसाधन है. खुद का काम करने का अवसर मिलने से घर परिवार में आत्मसम्मान बढ़ता है तथा आर्थिक रूप से बेटियां और महिलाओं की स्थिति मजबूत भी बनती है.

हर्षित गुप्ता ने कहा प्रशिक्षण के बाद व्यवसाय चलाना आसान नहीं होता स्किल के साथ बिजनेस, मैनेजमेंट, वित्त प्रबंधन, मार्केटिंग जैसी जानकारी की कमी रहती है. ब्यूटी पार्लर तथा स्किल के माध्यम से बेटियों द्वारा तैयार किया जा रहे नए रास्ते सिर्फ व्यवसाय के अवसर नहीं है अपितु यह सामाजिक बदलाव का संकेत भी है जब एक बेटीअपने पांव पर खड़ी होती है तो उसका असर सिर्फ उस पर नहीं अपितु पूरे परिवार समुदाय पर पड़ता है. मिली जानकारी के द्वारा रनजीवन ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब यह छात्रा समाज में नई नीतियों तथा नवाचारों के अंतर्गत नए आयाम को स्थापित कर रही है अपने परिश्रम तथा समर्पण बल पर यह छात्रा न केवल संस्थान का नाम रोशन कर रही है अपितु उन बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन रही है संस्थान के अधिकारियों ने कहा है कि छात्रा का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है.

शिवालयम् मेकअप स्टूडियो एंड एकेडमी बना रही नई राह
इसी बीच संस्थान की संचालिका तथा भारत सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम से मान्यता प्राप्त ट्रेनर शिवानी मिश्रा ने कहा है कि देश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा, कौशल, विकास तथा स्वरोजगार की दिशा में कई पहल की जा रही है.आज बेटियों ने स्किल प्रशिक्षण के बाद छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार प्रारंभ किया है जिससे घर पर खर्च जुटाना संभव हुआ है पार्लर व्यवसाय महिलाओं के लिए आसान प्रवेश द्वार साबित हो रहा है. पहले इन स्किल उद्योगों को सिर्फ सौंदर्य और शौक की श्रेणी में देखा जाता था अब इसे काम तथा व्यवसाय की दिशा में देखा जा रहा है जिससे महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण भी परिवर्तन हो रहा है.

उन्होंने आगे कहा सिर्फ प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं अपितु बिजनेस मैनेजमेंट की जानकारी तथा मार्केट का तरीका बताना भी आवश्यक है. लेकिन प्रशिक्षण के बाद वास्तव में सफल व्यवसाय चलाना आसान नहीं है सामाजिक और पारिवारिक दबाव अभी भी कुछ स्थानों पर बेटियों को आगे बढ़ने से रुकती है. कौशल प्रशिक्षण की पहुंच हर क्षेत्र में समान नहीं है विशेषकर ग्रामीण और कठिन पहुंच वाले इलाकों में। शिवानी मिश्रा ने आगे बताया कि हमारे यहां मेकअप, मेहंदी, सिलाई तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा इसके साथ-साथ यहां पर हेयर स्टाइलिंग, दुल्हन, मेहंदी डिजाइनिंग, पार्टी मेकअप और फेशियल जैसी सेवाएं भी प्रिय ग्राहकों को देने की हमने रोड मैप को तैयार किया है.


