डॉ. नवीन योगी का जीवन योग, स्वास्थ्य, सेवा, सामाजिक जागरूकता और निरंतर संघर्ष का प्रेरणादायक उदाहरण है. उन्होंने अपने ज्ञान, अनुभव, मेहनत और समर्पण के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है. एक ओर वह चिकित्सा सेवा के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं, वहीं दूसरी ओर योग शिक्षक के रूप में लोगों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करते हैं. उनके व्यक्तित्व की विशेषता यह है कि वह अपने पेशेवर दायित्वों के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा से निभाते आ रहे हैं.
नर्सिंग ऑफिसर से योग जगत की पहचान तक, डॉ. नवीन योगी की संघर्ष
डॉ. नवीन योगी ने एम.ए. (योगा) तथा बी.एससी. नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त की है. वर्तमान में वे लखनऊ के आशियाना स्थित लोकबंधु अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं. चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएँ देने के साथ-साथ वे योग के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. वर्तमान में वे योगासन स्पोर्ट फेडरेशन ऑफ भारत के स्टेट कोऑर्डिनेटर, मानव कल्याण समिति के अध्यक्ष, पल्लव चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी के ब्रांड एंबेसडर तथा नगर विकास सभा के क्षेत्रीय अध्यक्ष के रूप में विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. इससे पूर्व वे पतंजलि योग समिति में युवा प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं. उनकी योग यात्रा वर्ष 2018 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ आगे बढ़ी, जब उन्होंने पतंजलि योग समिति, हरिद्वार से योग शिक्षक प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र प्राप्त किया. इसी वर्ष मलिहाबाद, लखनऊ में आयोजित तहसील स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी शारीरिक क्षमता और खेल प्रतिभा का परिचय दिया.

13 फरवरी 2018 को रकाबगंज स्थित आर्य समाज मंदिर के वार्षिकोत्सव में उन्होंने जटिल योग क्रियाओं का प्रदर्शन किया, जिसके लिए उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कानून एवं न्याय मंत्री श्री बृजेश पाठक द्वारा उन्हें प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया. इसके अतिरिक्त, 25 अगस्त 2018 को डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को योग के प्रति जागरूक करने के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया. वर्ष 2019 में उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत आयोजित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर योग प्रशिक्षक का प्रमाणपत्र प्राप्त किया. इसी वर्ष लखनऊ के बुद्धेश्वर क्षेत्र में निरंतर निःशुल्क योग सेवाएँ प्रदान करने के लिए बुद्धेश्वर उद्योग व्यापार मंडल द्वारा उन्हें प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया. वर्ष 2020 उनके लिए विशेष उपलब्धियों का वर्ष रहा. 14 मार्च 2020 को द्वारिकाधाम सोसाइटी, लखनऊ ने योग सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किया. इसी वर्ष उत्तर प्रदेश योग सोसाइटी द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी योग प्रतिभा को एक बार फिर साबित किया.

स्वास्थ्य क्रांति की अलख जगा रहे डॉ. नवीन योगी, ‘मिस्टर लखनऊ’ से ‘मिस्टर यूपी’ तक का सफर
वर्ष 2021 में कोरोना महामारी के दौरान डॉ. नवीन योगी ने लोकबंधु अस्पताल में अपनी ड्यूटी निभाते हुए मरीजों की सेवा की. इसी दौरान वह स्वयं भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए, लेकिन उनके सेवाभाव और समर्पण ने चिकित्सा क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया. अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क योग प्रशिक्षण प्रदान करने तथा सराहनीय सेवाओं के लिए अस्पताल के निदेशक द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया. वर्ष 2022 में सेवा भारती, अवध प्रांत ने योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया. इसी वर्ष जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता में उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त किया. इसके अतिरिक्त, लखनऊ स्थित भालचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंस एंड नर्सिंग कॉलेज में छात्र-छात्राओं को योग और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया. वर्ष 2023 में एंटी करप्शन एंड ह्यूमन राइट कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा उन्हें ‘शेरे-ए-हिन्द’ सम्मान से नवाजा गया. वर्ष 2024 में योग के व्यापक प्रचार-प्रसार और इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उनका नाम यू.एस.ए. बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की उपलब्धि भी सामने आई. इसी वर्ष हिंदुस्तान हस्तशिल्प महोत्सव में सामाजिक कार्यों और योग के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया.

दिल्ली में ऋषि कुल योगपीठ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में उन्हें ‘योग रत्न पुरस्कार’ प्रदान किया गया. उत्तराखंड में आयोजित राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाने के लिए भी उन्हें प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. वर्ष 2025 में डॉ. नवीन योगी ने योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी पहचान को और मजबूत किया. उन्हें ‘मिस्टर लखनऊ 2025’ का खिताब प्राप्त हुआ. इसके साथ ही लखनऊ के गांधी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में ऋषि कुल योगपीठ द्वारा उन्हें ‘योग शिरोमणि सम्मान’ से सम्मानित किया गया. पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शिवी शिल्पग्राम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उनकी टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया. इस सामाजिक पहल के लिए लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल द्वारा उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया. वर्ष 2026 उनके जीवन की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय बनकर सामने आया. योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘मिस्टर यू.पी. 2026’ का खिताब मिला. इसी वर्ष उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री बृजेश पाठक द्वारा योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. अपने स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस और व्यक्तित्व के दम पर उन्होंने ‘मिस्टर फिजिक 2026’ का खिताब भी प्राप्त किया. इसी वर्ष पल्लव चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया. नेशनल हिन्दू पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा उन्हें ‘वैदिक भारत रत्न अवॉर्ड 2026’ से भी नवाजा गया.

उनकी उपलब्धियों की इस शृंखला में 6 सितंबर 2026 की तारीख भी विशेष महत्व रखती है. इस दिन वर्ल्ड वेलनेस काउंसिल द्वारा प्रमाणित विश्व आरोग्य संवर्धन संस्थान की ओर से डा. नवीन योगी को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई. यह उपलब्धि उनके योग, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े कार्यों के प्रति सम्मान के रूप में प्रस्तुत की गई है. डॉ. नवीन योगी की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के माध्यम से व्यक्ति विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है. चिकित्सा सेवा, योग प्रशिक्षण, खेल, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े उनके कार्य उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाते हैं. उनका उद्देश्य केवल योग का अभ्यास कराना ही नहीं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित करना भी है. उनकी उपलब्धियाँ युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देती हैं कि सच्ची सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं होती, बल्कि दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने से भी प्राप्त होती है।
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


