सपने देखना आसान है लेकिन उन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए जिस जुनून, मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है उसे हर कोई नहीं निभा पाता है. खासकर एक महिला के लिए परिवार, समाज और जिम्मेदारियों के बीच अपने करियर और पहचान के लिए लगातार संघर्ष करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. ऐसी ही संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक कहानी प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट डॉ. लक्ष्मी की है. जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर ब्यूटी एवं मेकअप इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है.
संघर्ष से शिखर तक डॉ. लक्ष्मी रजक का सफर, महिमा चौधरी के हाथों मिला सम्मान तो बढ़ा मान!
देशभर में प्रतिभाओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से कार्य कर रही एम.एस.यू. (Money Safe Universe) आज फैशन, ब्यूटी और मेकअप इंडस्ट्री में नए आयाम स्थापित करती जा रही है. संस्था की फाउंडर एवं सी.ई.ओ. अंजू शर्मा के नेतृत्व में आयोजित होने वाले कार्यक्रम देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं, मेकअप आर्टिस्टों, मॉडलों और ब्यूटी प्रोफेशनल्स को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान कर रहे हैं. इसी कड़ी में 10 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित ब्रजधाम बैंक्वेट हॉल में एम.एस.यू. की ओर से भव्य Beauty Carnival का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेत्री महिमा चौधरी की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया. महिमा चौधरी ने प्रतिभागियों को सम्मानित करने के साथ उनसे संवाद भी किया और उनके अनुभवों एवं सपनों को जानने का प्रयास किया. इसी शानदार कार्यक्रम में प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट डॉ. लक्ष्मी रजक को गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया. मंच पर जब बॉलीवुड अभिनेत्री महिमा चौधरी के हाथों से डॉ. लक्ष्मी रजक को अवार्ड और सर्टिफिकेट प्रदान किया गया, तो वह पल उनके लिए बेहद गौरवपूर्ण रहा. वर्षों की मेहनत, संघर्ष और अपने हुनर को निखारने की तपस्या का परिणाम जब सम्मान के रूप में सामने आया तो उनकी खुशी देखते ही बन रही थी.

डॉ. लक्ष्मी ने इस खास मौके पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह सम्मान केवल एक अवार्ड या सर्टिफिकेट नहीं है बल्कि यह उनके उस सफर की पहचान है जिसमें उन्होंने अनेक चुनौतियों का सामना किया. उन्होंने कहा कि एक महिला के रूप में अपने सपनों को पूरा करने की राह कभी आसान नहीं थी. परिवार की जिम्मेदारियां, समाज की सोच और खुद को लगातार साबित करने की चुनौतियों के बीच अपने करियर को आगे बढ़ाना आसान नहीं था. कई बार ऐसा लगा कि शायद रास्ता बहुत कठिन है लेकिन मैंने अपने सपनों को छोड़ना स्वीकार नहीं किया. उनके अनुसार मेकअप आर्टिस्ट बनना उनके लिए सिर्फ एक पेशा चुनना नहीं था बल्कि अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता को एक पहचान देना था. उन्होंने अपने हुनर को बेहतर बनाने के लिए लगातार सीखने पर जोर दिया. शुरुआत से ही उन्होंने यह समझ लिया था कि ब्यूटी और मेकअप की दुनिया में केवल प्रतिभा ही काफी नहीं, बल्कि लगातार खुद को अपडेट करना, नई तकनीकों को सीखना और समय के साथ बदलना भी जरूरी है.

सपनों की उड़ान से सम्मान के मंच तक पहुंचीं डॉ. लक्ष्मी रजक
एक महिला के लिए करियर बनाते समय सबसे बड़ी चुनौती अक्सर समय और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की होती है. डॉ. लक्ष्मी रजक ने भी इस चुनौती का सामना किया लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं माना. उन्होंने संघर्ष को अपनी ताकत बनाया और हर असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ती रहीं. उनका कहना है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती है. इसके पीछे कई रातों की मेहनत, कई बार की असफलता, आलोचनाएं और खुद पर दोबारा विश्वास करने की हिम्मत छिपी होती है. उन्होंने उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया. महिमा चौधरी के हाथों सम्मान प्राप्त करना डॉ. लक्ष्मी के लिए इसलिए भी खास था क्योंकि बॉलीवुड की प्रतिष्ठित अभिनेत्री के हाथों मिला यह सम्मान उनके प्रोफेशनल सफर को नई ऊर्जा देने वाला साबित हो सकता है.

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी डॉ. लक्ष्मी रजक की उपलब्धि की सराहना की और उनके संघर्ष को महिला सशक्तिकरण की मिसाल बताया. डॉ. लक्ष्मी की कहानी आज उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को कहीं पीछे छोड़ देती हैं. उनका सफर यह संदेश देता है कि महिला होना कमजोरी नहीं, बल्कि एक ऐसी शक्ति है जो संघर्षों को पार करके अपनी पहचान खुद गढ़ सकती है. देवरिया के इस मंच पर मिला सम्मान डॉ. लक्ष्मी के सफर की एक नई शुरुआत है. उनके लिए यह अवार्ड उस विश्वास की मुहर है कि जब हौसला मजबूत हो, मेहनत सच्ची हो और सपनों को पाने की जिद दिल में हो, तो संघर्ष कितना भी बड़ा क्यों न हो, सफलता का रास्ता जरूर निकल जाता है।

शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 6 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. वे ‘मीडिया दस्तक’ और ‘बस्ती चेतना’ जैसे प्लेटफॉर्म्स पर न्यूज़ एवं वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं. न्यूज़ प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में उन्हें गहरा अनुभव प्राप्त है. इसके साथ ही वे ‘भारतीय बस्ती’ में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़ी खबरों के लेखन और डिजिटल प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई. वर्तमान में वे ‘न्यूज़ ऑफ नेशन’ में संपादक के पद पर कार्यरत हैं और निष्पक्ष, गंभीर व सटीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं.


