अपनी कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास से मेकअप इंडस्ट्री में एक प्रेरणादायक नाम बनी – ज्योति तिवारी

राजधानी लखनऊ की ज्योति तिवारी आज मेकअप और ब्यूटी इंडस्ट्री में एक प्रेरणादायक नाम बन चुकी हैं. अपनी कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने उस मुकाम को हासिल किया है जिसकी कभी उन्होंने केवल कल्पना की थी. आज उनका “सैम एण्ड जस यूनिकसेक्स एण्ड एकैडमी” लखनऊ में अपनी अलग पहचान बना चुका है और लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है.

प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट ज्योति तिवारी के पास 11 वर्षों का अनुभव

ज्योति तिवारी ने मिडिया से बातचीत करने के दौरान बताया कि वह एक प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट हैं और उन्हें इस क्षेत्र में लगभग 11 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने बताया कि सपनों की राह आसान नहीं था और उनके माता-पिता इस क्षेत्र में उनके करियर बनाने के पक्ष में नहीं थे. परिवार के लोग चाहते थे कि वह किसी अच्छी नौकरी की तैयारी करें और एक स्थिर करियर चुनें लेकिन ज्योति तिवारी दिल में मेकअप इंडस्ट्री के प्रति जुनून था, जिसे वह छोड़ नहीं सकीं. उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि बचपन से ही उनका यही सपना था कि वह एक बड़ी और सफल मेकअप आर्टिस्ट बनें. जब उनकी उम्र बहुत कम थी, तब उनके घर के पास एक ब्यूटी पार्लर था.

वह अक्सर वहां जाया करती थीं और मेकअप तथा ब्यूटी इंडस्ट्री के बारे में जानकारी लिया करती थीं. उस समय से ही उनके मन में इस क्षेत्र के प्रति गहरी रुचि पैदा हो गई थी. छोटी सी उम्र में उनकी शादी हो गई. मात्र 19 वर्ष की आयु में उन्होंने वैवाहिक जीवन की सभी जिम्मेदारियां संभालना शुरू कर दी. शादी के बाद कई महिलाओं के सपने अधूरे रह जाते हैं लेकिन ज्योति तिवारी के जीवन में एक सकारात्मक मोड़ आया. उनके पति ने हर कदम पर उनका साथ दिया और उनके सपनों को मजबूती दी. यदि उनके पति का सहयोग नहीं मिलता तो शायद वह आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं.

ज्योति तिवारी का संस्थान युवाओं के लिए सीखने और रोजगार का केंद्र

जीवन में एक समय भी ऐसा आया जिसने उनकी सोच और संघर्ष को नई दिशा दी. उनकी मुलाकात एक महिला से हुई, जिसने उनके आत्मविश्वास को चुनौती देने वाली बात कही. उस महिला ने कहा कि आप एक तालाब की मेंढक हो, मेंढक उसी तालाब में घूमता रहता है. ज्यादा उड़ने की कोशिश मत करो क्योंकि तालाब कभी समुद्र नहीं बन सकता. ये दिल को छू जाने वाली बात किसी भी व्यक्ति के मनोबल तोड़ सकती है लेकिन ज्योति तिवारी ने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने उस महिला की कही हुई बात को अपनी ताकत बना लिया. उन्होंने ठान लिया कि वह अपने काम और सफलता से साबित करेंगी कि मेहनत और आत्मविश्वास के सामने कोई सीमा नहीं होती. वर्ष 2018 में उन्होंने पहली बार एक छोटे से पार्लर की शुरुआत की थी. उनके पास सीमित संसाधन थे और चुनौतियों के बीच उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना शुरू किया.

लगातार मेहनत, ग्राहकों का विश्वास और सीखने की ललक ने उनके काम को नई पहचान दिलाई. उन्होंने अपने हुनर को निखारने के लिए दिन-रात मेहनत की और हर नई तकनीक को सीखने का प्रयास किया. दिसंबर 2024 में उन्होंने अपना पहला बड़ा सैलून ओपन किया. वर्ष 2025 में अपना दूसरा सैलून ओपन किया और व्यवसाय का विस्तार किया. इसी क्रम में वर्ष 2026 में उन्होंने अपना तीसरा सैलून भी शुरू कर दिया. आज उनका संस्थान केवल एक सैलून नहीं है बल्कि कई युवाओं के लिए सीखने और रोजगार का केंद्र बन चुका है. ज्योति तिवारी की कहानी एक सफल व्यवसायी या मेकअप आर्टिस्ट की कहानी होने के साथ-साथ यह आत्मविश्वास, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी है. आज हमारे समाज की बेटियों को ज्योति तिवारी की इस प्रेरणादायक यात्रा से सीख लेने की आवश्यकता है।

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