आज कलेक्ट सभागार में व्यापारी संवाद का कार्यक्रम आयोजन किया गया है. जिसमें जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा सफलतापूर्वक इस संवाद को संपन्न किया गया है. कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना तथा जीएसटी 2.0 सुधारो के प्रति व्यापारियों को जागरूक करना रहा है. राज्य कर विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई है.
व्यापारिक गतिविधियों और समस्याओं पर हुआ मंथन
आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कलेक्ट सभागार में व्यापारी संवाद का कार्यक्रम किया गया है. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना कर पंजीकरण के आधार का विस्तार करना, राजस्व वृद्धि को गति देना तथा स्थानीय स्तर पर जीएसटी 2.0 से जुड़े सुधारो के प्रति व्यापारियों उद्यमियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को जागरूक करना रहा है. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व बस्ती तथा अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती द्वारा संयुक्त रूप से की गई है. इस कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त प्रशासन राज्य कर बस्ती उपेंद्र यादव द्वारा किया गया है. उन्होंने कार्यक्रम का उद्देश्य तथा रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया है कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम शासन तथा व्यापारिक समुदाय के बीच सेतु का कार्य करती हैं तथा समस्याओं के व्यावहारिक समाधान निकालने में सहायक होता है.

इस कार्यक्रम की शुरुआत पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य कर विभाग की विभिन्न योजनाओं नीतियों तथा क्रियाकलापों की जानकारी देकर की गई है. प्रस्तुतीकरण के दौरान जीएसटी प्रणाली, पंजीकरण प्रक्रिया, रिटर्न दाखिल करने पर अनुपालन तथा जीएसटी 2.0 में किए गए नवीन सुधारो की विस्तार से जानकारी दी गई है. जिसमें उपस्थित व्यापारीगण लाभान्वित हुए हैं. इस दौरान संवाद सत्र में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपने सुझाव अनुभव तथा समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखी है. भठ्ठा संघ के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ जायसवाल ने ईट-भठ्ठा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए सुझाव दिया है कि भठ्ठा कार्यबारियों के लिए पूर्व की भांती समाधान योजना पुनः लागू की जाए. जिसमें उन्हें कर अनुपालन में सहूलियत मिल सके.
सुझाव को शासन तक पहुंचाने का मिला आश्वासन
इस कड़ी में बस्ती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने कच्चे माल पर अधिक जीएसटी दर तथा तैयार वस्तुओं पर कम जीएसटी दर होने के कारण उत्पन्न रिफंड संबंधी समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट किया है. उन्होंने रिफंड प्रक्रिया को और भी सरल तथा समयबद्ध बनाने का सुझाव दिया है ताकि व्यापारियों को अनावश्यक आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े. इसी क्रम में सुभाष चंद्र शुक्ला ने ई वे बिल से संबंधित व्यापारिक कठिनाइयां तथा आगजनी जैसी आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को व्यापारी बीमा का लाभ उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण जोर दिया है. इसके अतिरिक्त सूर्यकुमार शुक्ला, आशुतोष कुमार राय तथा अशोक अग्रवाल द्वारा भी कर व्यवस्था को सरल बनाने निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यापारियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिया है.

इन सभी सुझावों पर उपयुक्त राज्य कर उपेंद्र यादव ने गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई हेतु सहमति व्यक्त कर तथा भरोसा दिलाया कि तथा असंभव समस्याओं का समाधान विभागीय स्तर पर किया जाएगा तथा शेष विषयों को शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. इस कार्यक्रम में टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्तागण मनीष श्रीवास्तव तथा राधे मोहन ने भी अधिवक्ताओं तथा करदाताओं से जुड़े मुद्दों को सबके समक्ष रखा तथा कर कानून का सुचारु क्रियान्वयन हेतु प्रशासन तथा अधिवक्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है. कार्यक्रम का समापन अवसर पर अपर जिला अधिकारी वित्त और राजस्व बस्ती प्रतिपाल सिंह चौहान ने इस संवाद कार्यक्रम को एक सार्थक तथा सकारात्मक प्रारंभ बताते हुए बताया है कि व्यापारियों के सुझावों को शासन तक पहुंचाया जाएगा ताकि नीतिगत स्तर पर आवश्यक सुधार संभव हो पाए. वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों को साइबर अपराध तथा साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की भी सलाह दी है. सुरक्षित डिजिटल लेनदेन पर आवाहन किया है.


